गर्मी की आहट पाते ही बजने लगी पेयजल समस्या की घंटी

Published at :22 Feb 2025 8:56 PM (IST)
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गर्मी की आहट पाते ही बजने लगी पेयजल समस्या की घंटी

जिले में पछुआ हवा की चाल और तीखी हो रही धूप के कारण गर्मी का आहट पाते ही पेयजल समस्या की घंटी अब बजने लगी है. मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में धीरे-धीरे पेयजल संकट गहराने की सुगबुगाहट मिलनी शुरू हो गयी है

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भभुआ. जिले में पछुआ हवा की चाल और तीखी हो रही धूप के कारण गर्मी का आहट पाते ही पेयजल समस्या की घंटी अब बजने लगी है. मुख्य रूप से पहाड़ी इलाकों में धीरे-धीरे पेयजल संकट गहराने की सुगबुगाहट मिलनी शुरू हो गयी है. इसे लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा भी विभिन्न बैठकों में यह मुद्दा उठाया जाने लगा है. गौरतलब है कि हर वर्ष की तरह इस साल भी गर्मी में कैमूर में पेयजल समस्या का संकट सामने आना है. इस साल यह संकट और भी अधिक हो सकता है कि क्योंकि रबी सीजन में बारिश बहुत कम हुई है, जिससे भूजल स्तर जल्द ही नीचे जाने की संभावना भी दिखाई देती है. क्योंकि, आरंभिक चरण में ही जिले के अधौरा, चांद आदि प्रखंडों में पेयजल संकट की शुरूआत शुरू हो चुकी है. इस संबंध में चांद प्रखंड के प्रखंड प्रमुख चंदन सिंह ने बताया कि प्रखंड की कई पंचायतों में पेयजल समस्या गहराने लगी है. उन्होंने बताया मुख्य रूप से प्रखंड के पहाड़ी इलाके लोहदन, सौखरा, पाढी, शिवरामपुर, भरारी कला आदि पंचायतों में पेयजल संकट शुरू हो चुका है. इसे लेकर उन्होंने दिशा की गत बैठक में भी यह मामला उठाया था और जिला प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेने का अनुरोध किया गया था. इधर, प्रखंड प्रमुख अधौरा बिपिन सिंह यादव ने बताया कि पहाड़ पर पानी की समस्या अब बढ़ने लगी है. अधौरा प्रखंड के डुमुरका, बभनी, पडरी, सिकता सहित कई गांवों में चापाकल धुकघुकाने लगे हैं. कई जगहों पर नल जल योजना भी कारगर साबित नहीं हो रही है. उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई बैठकों में भी प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में शुरू हो रहे पेयजल समस्या को उठाया गया था. इन्सेट जनप्रतिनिधियों ने पीएचइडी पर भी उठायी अंगुली भभुआ. जिले में पेयजल समस्या की कमान थामे लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से भी जनप्रतिनिधि संतुष्ट नहीं है. इस संबंध में प्रखंड प्रमुख चांद चंदन सिंह ने बताया कि पीएचइडी विभाग के कनीय अभियंताओं द्वारा फोन भी नहीं उठाया जाता है, न तो कॉल बैक किया जाता है. उन्होंने बताया इस मामले को दिशा की बैठक में भी उठाया गया था. ऐसी शिकायत की बात अन्य प्रखंड प्रमुखों द्वारा भी कही गयी. उन्होंने बताया कि यही नहीं जब कोई नल जल योजना या चापाकल खराब होता है, तो बनाने की बात पर विभाग द्वारा कभी पाइप नहीं है तो कभी अन्य सामान नहीं है, तो कभी ठेकेदार को बोल दिया गया है आदि जवाब दिये जाते हैं. उन्होंने बताया कि प्रखंड की भरारी कला, सौखरा आदि कई पंचायतों के विभिन्न वार्डों में नल जल योजना खराब चल रहा है. हमारे पंचायत समिति ने इन पंचायतों में अलग से बोरिंग कराने का निर्णय लिया है, ताकि पेयजल समस्या पर काबू पाया जा सके. बोले कार्यपालक अभियंता इधर, इस संबंध में जब लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता रवि प्रकाश से बात की गयी तो उनका कहना था कि फोन नहीं उठाये जाने की शिकायत गलत है. हो सकता है कभी व्यस्तता की वजह से ऐसा हुआ हो. उन्होंने बताया कि अभी जहां कहीं से भी नल जल योजना या चापाकल खराब होने की शिकायत प्राप्त हो रही है, उसे ठीक कराया जा रहा है. हाल में ही अधौरा प्रखंड के बंद चैनपुरा नल जल योजना का मोटर रिपेयर कर उसे चालू कराया गया है.

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