डायरिया से बचाव के लिए बच्चों को दी जा रही ओआरएस व दवा

Edited by VIKASH KUMAR
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14 सितंबर तक डोर-टू-डोर भी पांच वर्ष तक के बच्चों को दी जायेगी दवा

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भभुआ सदर.

बिहार में शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 14 जुलाई से 14 सितंबर तक स्वास्थ्य विभाग ओर से सघन दस्त नियंत्रण पखवारे का आयोजन किया जायेगा. दो महीने तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 0 से 5 वर्ष तक के 2,89,056 बच्चों को लक्षित किया गया है. जिले में भी मंगलवार से दस्त नियंत्रण पखवारे का अभियान शुरू हो गया. मंगलवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार ने भभुआ सीएचसी से इस अभियान की शुरुआत की. इस दौरान जुटे 05 वर्ष तक के बच्चों को ओआरएस का पैकेट और जिंक की गोली दी गयी. चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि दस्त आमतौर पर छोटी उम्र के बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. बाल्यावस्था ये 05 वर्ष तक के 10 फीसदी बच्चों की मौत के लिए दस्त जिम्मेदार होता है. इसलिए ओआरएस का घोल व जिंक की गोली दस्त का एक मात्र उपचार है. उन्होंने बताया कि बाल्यावस्था में दस्त के दौरान ओआरएस व जिंक के उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करना, समुदाय स्तर पर ओआरएस व जिंक की उपलब्धता व इसके उपयोग काे बढ़ावा देना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है. अभियान के दौरान झुग्गी झोपड़ी, गंदगी वाले स्थान, दस्त प्रभावित इलाके व ऐसे स्थान जहां पूर्व में डायरिया आउटब्रेक हो चुका है, उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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