हुजूर, हनुमान घाट फीडर से मात्र छह घंटे मिल रही बिजली, रोपनी बाधित

Updated at : 15 Jul 2024 9:01 PM (IST)
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हुजूर, हनुमान घाट फीडर से मात्र छह घंटे मिल रही बिजली, रोपनी बाधित

हुजूर, हनुमान घाट फीडर से मात्र 24 घंटे में चार से पांच घंटे ही विद्युत की सप्लाई की जाती है. विद्युत सप्लाई कम किये जाने के कारण पूरी तरह से धान की रोपनी का कार्य बाधित है,

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भभुआ नगर. हुजूर, हनुमान घाट फीडर से मात्र 24 घंटे में चार से पांच घंटे ही विद्युत की सप्लाई की जाती है. विद्युत सप्लाई कम किये जाने के कारण पूरी तरह से धान की रोपनी का कार्य बाधित है, अगर यही हाल कुछ दिनों तक और रहा, तो धान की रोपनी नहीं हो पायेगी. खेत परती रह जायेंगे व बाल बच्चे भूखे मर जायेंगे. इतना ही नहीं ग्रामीणों ने कहा कि रात के समय में आधा दर्जन गांव की विद्युत सप्लाई बंद कर दी जाती है, जिसके कारण अंधेरे में तो रात बिताना ही पड़ती है साथ ही साथ बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है, क्योंकि इस समय मिट्टी का तेल भी नहीं मिल रहा है कि उसे जलाकर बच्चे अपनी पढ़ाई लिखाई कर सकें. दरअसल, विद्युत विभाग द्वारा भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के हनुमान घाट फीडर से देऊवा, भभनी मकरी खोह धलंगडा एव सिकरिया गांव सहित कई गांव में मात्र पांच से छह घंटे ही विद्युत की सप्लाई की जा रही है. यहां विद्युत विभाग द्वारा 24 घंटे में मात्र पांच से छह घंटे विद्युत सप्लाई किये जाने को लेकर दर्जनों की संख्या में सोमवार को ग्रामीण समाहरणालय पहुंचे व जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर गुहार लगायी है. ग्रामीण जगदीश सिंह सहित अन्य ग्रामीणों द्वारा दिये गये आवेदन में कहा गया है कि हनुमानघाट फीडर से मात्र पांच से छह घंटे ही बिजली दी जाती है, वह भी बिजली एक साथ चार से पांच घंटे नहीं दी जाती है. 24 घंटे में शिफ्ट वार बिजली मात्र पांच छह घंटे ही दी जाती है, जिसकी शिकायत हम लोग विद्युत विभाग के अधिकारियों से करते हैं, तो अधिकारी कहते हैं की सरकार का आदेश है कि कृषि कार्य के लिए कम से कम 8 घंटे बिजली देनी है, लेकिन आठ घंटे भी बिजली की सप्लाई नहीं की जाती है, जिसके कारण पीने के पानी से लेकर खेती का कार्य व बच्चों की पढ़ाई बाधित है. गौरतलब है कि सरकार का दावा है कि किसानों की खेती के लिए बिजली सप्लाई की जाये, ताकि किसानों की कृषि कार्य बाधित न हो. इसके बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आये दिन विद्युत से संबंधित समस्या लेकर किसान समाहरणालय पहुंचते रहते हैं या एग्रीमेंट कराने के बाद भी किसानों के सबमर्सिबल तक विद्युत सप्लाई के लिए पोल व तार सप्लाई नहीं करने के कारण भी किसान परेशान रहते हैं. लेकिन, ताजा मामला बिजली सप्लाई से संबंधित आया है कि मात्र पांच से छह घंटे बिजली सप्लाई के कारण आधा दर्जन गांवों का कृषि कार्य बाधित है.

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