कांग्रेस मुक्त हुआ कैमूर, इवीएम पर इस बार चुनाव में नहीं दिखेगा ‘पंजा’

= गठबंधन के कारण कैमूर की चारों विस सीटें राजद को मिली
= गठबंधन के कारण कैमूर की चारों विस सीटें राजद को मिली भभुआ नगर. इस बार के विधानसभा चुनाव में कैमूर जिला पूरी तरह से कांग्रेस मुक्त हो गया है. आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि जिले की किसी भी सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं उतर रहे हैं. ऐसा इसलिए कि कैमूर जिले की चारों विधानसभा सीटें चैनपुर, भभुआ, मोहनिया और रामगढ़ इस बार महागठबंधन के सीट बंटवारे के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खाते में चली गयी हैं और कांग्रेस को यहां कैमूर जिले में इस बार कोई भी सीट नहीं मिल रही है. हालांकि, पिछले चुनाव में चैनपुर विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के हिस्से में था और पार्टी ने अपना उम्मीदवार भी उतारा था. लेकिन, इस बार राजनीतिक समीकरणों और गठबंधन की रणनीति के चलते कांग्रेस को कैमूर से पूरी तरह बाहर होना पड़ गया है. मतदाताओं के लिए यह एक ऐतिहासिक बदलाव है, क्योंकि इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में जिले के चारों विधानसभा के मतदाताओं को मतदान के दौरान अब इवीएम पर कांग्रेस का हाथ वाला प्रतीक चिह्न दिखायी नहीं देगा, यानी कैमूर जिला अब औपचारिक तौर पर कांग्रेस मुक्त जिला बन गया है, जो बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ता प्रतीत हाे रहा है. जिले के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आजादी के बाद से अब तक कैमूर की राजनीतिक जमीन पर कांग्रेस की मजबूत उपस्थिति रही है, कई बार यहां से विधायक भी इसी पार्टी से बने, लेकिन बदलते राजनीतिक समीकरणों व गठबंधन की राजनीति के करण कैमूर जिला के चारों विधानसभा सीट राष्ट्रीय जनता दल के खाते में चली गयी हैं. राष्ट्रीय जनता दल द्वारा अपने प्रत्याशी भी मैदान में उतार दिये गये हैं, जो जिले के राजनीतिक इतिहास में एक अहम बदलाव माना जा रहा है.
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