सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत जिले में होंगे जागरूकता कार्यक्रम रैली, नुक्कड़ नाटक व जांच शिविर से दिया जायेगा सुरक्षा का संदेश भभुआ नगर. जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजनों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत तीन जनवरी से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इसी क्रम में 29 जनवरी को जिले के सरकारी व निजी विद्यालयों में पेंटिंग, क्विज व वाद–विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा. प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और किशोरों में कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करने का प्रयास किया जायेगा. जिला परिवहन विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम सूची के अनुसार, जिले के विभिन्न स्थानों पर सड़क सुरक्षा जागरूकता रैली निकाली जायेगी, जिसमें स्कूली छात्र–छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठन और आम नागरिक शामिल होंगे. इसके अलावा वाहन चालकों के लिए विशेष शिविर लगाकर आंखों की जांच की जायेगी, ताकि दृष्टि संबंधी समस्याओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके. एनसीसी कैडेट्स द्वारा शहर के प्रमुख चौक चौराहों और मुख्य सड़कों पर पैदल मार्च किया जायेगा, जिसमें यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया जायेगा. इस दौरान हेलमेट, सीट बेल्ट, गति सीमा और नशे में वाहन न चलाने जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जायेगा. कार्यक्रमों के तहत नुक्कड़ नाटक, नोट कार्ड अभियान और लघु संवाद सत्रों का भी आयोजन किया जायेगा. नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जायेगा, ताकि आम लोग आसानी से संदेश को समझ सकें. वहीं, नोट कार्ड अभियान के जरिये वाहन चालकों को यातायात नियमों से संबंधित संक्षिप्त जानकारी दी जायेगी. 29 जनवरी को होने वाली विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं में पेंटिंग के माध्यम से छात्र सड़क सुरक्षा के संदेश को रंगों के जरिए प्रस्तुत करेंगे, जबकि क्विज प्रतियोगिता में यातायात संकेत, नियम और सुरक्षा उपायों से जुड़े प्रश्न पूछे जाये. वाद विवाद प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा में नागरिकों की भूमिका और यातायात नियमों का पालन क्यों जरूरी है जैसे विषय शामिल किये गये हैं. इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी रंजन कुमार ने बताया कि सभी कार्यक्रमों के लिए तिथिवार सूची तैयार कर उसका प्रकाशन कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है. ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयेगी.
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