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जिले में अब अस्पताल से लेकर घर तक रखा जा रहा नवजात शिशुओं का ख्याल

Updated at : 15 Jan 2026 4:36 PM (IST)
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जिले में अब अस्पताल से लेकर घर तक रखा जा रहा नवजात शिशुओं का ख्याल

सुरक्षित प्रसव व शिशु देखभाल से मजबूत हो रहा नवजातों का भविष्य

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= प्रसव पूर्व जांच से होती है उच्च जोखिम वाले प्रसव की पहचान सुरक्षित प्रसव व शिशु देखभाल से मजबूत हो रहा नवजातों का भविष्य एसएनसीयू व पोषण पुनर्वास केंद्र से शिशु देखभाल सुदृढ़ भभुआ सदर. नवजात के गले से निकली पहली आवाज किसी भी प्रसूता के लिए सर्वाधिक खुशी का क्षण होता है. एक बच्चे की किलकारी सुनिश्चित करने में कई कारक व कई स्तर पर व्यवस्थाएं काम करती हैं. संस्थागत सुरक्षित प्रसव, गृह भ्रमण द्वारा नवजात व मां का फॉलोअप, शुरुआती व संपूर्ण टीकाकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा दिये जाने वाले पोषक आहार जैसे प्रयास एक बच्चे के स्वस्थ व सुपोषित भविष्य की आधारशिला रखते हैं. सिविल सर्जन डॉ चंदेश्वरी रजक ने बताया कि सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपकरण, प्रशिक्षित व योग्य डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी तथा मजबूत आधारभूत संरचना उपलब्ध है. विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जाये. यदि उच्च जोखिम वाला प्रसव चिह्नित होता है तो उसका त्वरित रेफरल व आवश्यक चिकित्सीय प्रबंधन किया जाता है. जिले के भभुआ प्रखंड की 21 वर्षीय नीतू कुमारी (बदला हुआ नाम) ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने सदर अस्पताल में एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया. वह व उनकी बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हैं. अस्पताल में उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई. आशा दीदी द्वारा 42 दिनों तक घर आकर बच्चे की नियमित जांच की गयी व नियमित स्तनपान के लाभ के बारे में भी जानकारी दी गयी. जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिकेश जायसवाल ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार नवजात व शिशुओं की अहम देखभाल में सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू प्रभावी भूमिका निभा रहा है. यहां प्रशिक्षित शिशु रोग विशेषज्ञों व नर्सों की देखरेख में गंभीर रूप से बीमार नवजात व शिशुओं का इलाज किया जा रहा है. संस्थान में निजी क्लिनिकों से रेफर किये गये बच्चों का भी समुचित चिकित्सीय प्रबंधन किया जा रहा है. वहीं पोषण पुनर्वास केंद्र में अति गंभीर व मध्यम गंभीर कुपोषित बच्चों का चिकित्सीय प्रबंधन कर समुचित आहार दिया जा रहा है, ताकि उन्हें स्वस्थ किया जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH KUMAR

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