रामगढ़ में अवैध क्लिनिक का कहर : इंजेक्शन लगने के बाद महिला की मौत, चिकित्सक गिरफ्तार

बिना रिन्यूअल के 23 वर्षों से चल रहा था अस्पताल, पुलिस व बीडीओ ने क्लिनिक को किया सील
बिना रिन्यूअल के 23 वर्षों से चल रहा था अस्पताल, पुलिस व बीडीओ ने क्लिनिक को किया सील मृतका के पति ने गलत इंजेक्शन लगाने से मौत होने की आशंका जता दर्ज करायी प्राथमिकी बुखार का इलाज कराने आयी थी रूबी, झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से उजड़ा परिवार घोड़ासर गांव के प्राइवेट क्लिनिक में इलाज के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित . रामगढ़. सोमवार की रात एक बार फिर अवैध क्लिनिक के चक्कर में एक महिला की मौत हो गयी. गोडसरा गांव के एक क्लिनिक में महिला मरीज को लगाये गये इंजेक्शन से जान चली गयी. मृतक की पहचान मोहनिया थाना क्षेत्र के दीया गांव की रहने वाली 24 वर्षीय रूबी देवी के रूप में हुई है. उक्त मामले में मृतक के पति धर्मेंद्र पासवान द्वारा थाने में चिकित्सक के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगायी गयी. इसके बाद थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा मौके पर पहुंचे और अवैध क्लीनिक को सील करते हुए चिकित्सक को गिरफ्तार कर लिया गया. ऐसे में आये दिन बाजार के अवैध क्लिनिकों में नीम हकीम खतरे जान वाली कहावत चरितार्थ हो रही है. अवैध क्लिनिकों में लोगों की जा रही जान के जिम्मेदार आखिर कौन हैं, यह आज भी लोगों के बीच यक्ष प्रश्न बना हुआ है. जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम 5:30 बजे रामगढ़ व मोहनिया सीमा को विभाजित करने वाली दुर्गावती नदी के तट पर बसे मोहनिया थाना क्षेत्र के दीया गांव की रहने वाली 24 वर्षीय रूबी को तेज बुखार आने पर उनके पति धर्मेंद्र पासवान पिता स्वर्गीय बादशाह पासवान द्वारा नदी के इस पार दो किलोमीटर की दूरी पर घोड़ासर गांव के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया, जहां चिकित्सक अरुण शर्मा पिता रामबदन शर्मा द्वारा बुखार से तप रही महिला को एक इंजेक्शन लगाया गया. इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही महिला की तबीयत और अधिक बिगड़ने लगी. ऐसे में डॉक्टर द्वारा धर्मेंद्र से बोला गया कि इनका बीपी लो हो रहा है, इन्हें तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत है. आप इनको दूसरे अस्पताल या सरकारी अस्पताल में ले जाइये, ऐसी स्थिति में धर्मेंद्र पत्नी को बाइक पर बैठाकर जब रेफरल अस्पताल पहुंचे, तो चिकित्सकों द्वारा उन्हें जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया. पत्नी की मौत के बाद धर्मेंद्र ने उक्त मामले की जानकारी थाने को दी. मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा व मजिस्ट्रेट के तौर पर बीडीओ जितेंद्र कुमार द्वारा जब क्लीनिक के कागजात की जांच की गयी, तो चिकित्सक द्वारा वर्ष 2003 तक के एक प्रैक्टिशनर का कागजात दिखाया गया. अधिकारियों ने बताया कि उक्त कागजात को प्रत्येक वर्ष रिन्यूअल कराया जाता है, जो कि पिछले 23 वर्षों से नहीं कराया गया है. गलत कागजात मिलने के बाद पदाधिकारी द्वारा तत्काल क्लीनिक को परिजनों के सामने ही सील कर दिया गया, साथ ही आरोपित चिकित्सक अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर थाने लाया गया. इधर, मृतका रूबी के पति धर्मेंद्र द्वारा आरोपित चिकित्सा के विरुद्ध पत्नी को गलत इंजेक्शन लगाने के बाद मौत होने की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज कर उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गयी है. # क्या कहते हैं थानाध्यक्ष उक्त संबंध में थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने कहा पीड़ित के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेजा गया है. जबकि, अवैध क्लिनिक को सील करते हुए आरोपित चिकित्सक अरुण शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत भेजा जा रहा है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




