Jitiya Vrat 2024: संतानों की लंबी आयु के लिए कल माताएं रखेंगी निर्जल उपवास, जानिए कब होगा पारण

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 24 Sep 2024 6:45 AM

विज्ञापन

Jitiya Vrat 2024: बुधवार यानी कल पुत्र की दीर्घायु के लिए माताएं जीवित पुत्रिका यानी जिउतिया के पर्व पर 24 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी. जीवित्पुत्रिका या जिउतिया पर्व हिंदू धर्म में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाये जाने वाले पर्वों में से एक है.

विज्ञापन

Jitiya Vrat 2024, भभुआ सदर. जिले सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार यानी कल पुत्र की दीर्घायु के लिए माताएं जीवित पुत्रिका यानी जिउतिया के पर्व पर 24 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी. जीवित्पुत्रिका या जिउतिया पर्व हिंदू धर्म में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाये जाने वाले पर्वों में से एक है. इस दिन व्रत का खास महत्व होता है, जिसे अपनी संतान की मंगलकामना और लंबी आयु के लिए रखा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार जिउतिया व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी से नवमी तिथि तक मनाया जाता है. इस बार यह 25 सितंबर बुधवार को मनाया जायेगा. जबकि, पारण के साथ इसका समापन 26 सितंबर शुक्रवार को होगा. पंडित उपेंद्र तिवारी व्यास के अनुसार, जीवित्पुत्रिका व्रत अष्टमी तिथि में संपन्न की जाती और इसका पारण नवमी तिथि में करना शास्त्र सम्मत माना जाता है. इस बार पंचांग के अनुसार, आश्विन माह की अष्टमी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट पर होगी. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 25 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा. सनातन धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है, ऐसे में 25 सितंबर को जितिया व्रत किया जायेगा. इसके अगले दिन यानी 26 सितंबर को व्रत का पारण सूर्योदय के बाद किया जायेगा.

छठ पर्व की तरह होते हैं सारे कर्मकांड

दरअसल, जीवित्पुत्रिका व्रत भी छठ महापर्व की तरह ही तीन दिनों तक चलता है, जिसमे पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन निर्जला व्रत और तीसरे दिन व्रत का पारण होता है. जिउतिया अर्थात जीवित्पुत्रिका व्रत का भी विशेष महत्व है. जीवितपुत्रिका व्रत माताएं अपनी संतान की सुरक्षा, स्वस्थ, सुखी व दीर्घायु होने के लिए करती रही हैं. इस दौरान माताएं व्रत रख कर जलाशय व नदियों में जाकर स्नानादि कर कुशा के जीमूतवाहन के प्रतीक पर जल अर्पण कर पूजा-अर्चना करती हैं. इसके बाद शाम को माताएं कथा सुनती हैं. शुक्रवार की सुबह में माताएं निर्जला उपवास खत्म करेंगी. हिंदू पंचांग के अनुसार यह व्रत आश्विन माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है.
इनसेट

बाजार में बढ़ी चहल-पहल, तो फलों के दाम रहे आसमान पर

जिउतिया पर्व को लेकर बाजार में सोमवार को काफी गहमागहमी रही. खास कर महिलाओं की भीड़ अधिक देखी गयी. जिउतिया में फलों का प्रसाद चढ़ाने की परंपरा रही है. इसको लेकर फलों का बाजार भी गर्म रहा. फलों में खास कर केला व खीरा की बिक्री सबसे अधिक हुई. सेब, मौसमी, अमरूद जैसे फलों की भी बिक्री हुई. पर्व को लेकर बाजार में 40 रुपये दर्जन मिलने वाला केला 60 से 80 रुपये दर्जन मिल रहा था. 30 रुपये किलो मिलने वाला खीरा 40-50 रुपये किलो तक बिका. सत्पुतिया तो 30 रुपये किलो की जगह 80 रुपये किलो बिकने लगा है. सेब भी 80 रुपये से बढ़ कर 100-120 रुपये किलो तक पहुंच गया है.

इसे भी पढ़ें: Bihar Land Survey: बिहार में रुका नहीं है जमीन सर्वेक्षण का काम, सिर्फ इन लोगों को मिला है 3 महीने का वक्त

छह महीने पहले हुई थी शादी, इस कारण गोली मार कर दी हत्या, मचा कोहराम

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन