रोक के बाद भी पराली जलाने से नहीं मान रहे किसान
Updated at : 21 Apr 2025 4:58 PM (IST)
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खेतों में पराली जलाने से पर्यावरण होता है प्रदूषित
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भभुआ शहर.
प्रखंड क्षेत्र के किसान खेतों में पराली जलाने पर सरकार की ओर से लगायी गयी रोक के बावजूद किसान अपने खेतों से हार्वेस्टर के द्वारा गेहूं कटवाने के बाद डंठल को धड़ल्ले से जला रहे हैं. हालांकि, इसे लेकर कृषि विभाग अपने स्तर से किसानों को लगातार जागरूक करने का प्रयास भी कर रहा है. कृषि विशेषज्ञ समय समय पर गांव में जाकर किसानों के बीच चौपाल लगाकर पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को अवगत कराते रहते हैं. जबकि, किसानों को पराली न जलाना पड़े, इसके लिए सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी पर तरह तरह की मशीनरी भी उपलब्ध करायी जाती है. कृषि विशेषज्ञों की माने तो खेतों में पराली जलाने से जहां एक ओर पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं दूसरी ओर किसानों के फसलों के विकास के लिए मिट्टी में मौजूद मित्र कीट जल कर नष्ट हो जाते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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