Accident: अनहोनी हादसा ने तीन बच्चों से छीना मां की ममता का छांव, चारों ओर पसरा मातम
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 01 Nov 2024 4:47 PM
Accident: दिवाली पर्व को लेकर चारों ओर उत्सव का माहौल था लेकिन इसी दिन कैमूर जिले में एक ऐसे घटना घट गई जिसने सभी को हिला कर रख दिया.
Accident: कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह लगभग सात बजे बहेरा गांव के एक घर में गैस चूल्हे पर खाना बनाने के दौरान सिलेंडर में रिसाव से घर में आग लग गयी. आग लगने से मां व बेटे की एक साथ जलकर मौत हो गयी. जानकारी के अनुसार, बहेरा गांव निवासी सिंधु केवट की पत्नी किरण देवी घर में गैस चूल्हे पर खाना बना रही थी. इसी बीच सिलेंडर से गैस के रिसाव से अचानक आग लग गयी और देखते ही देखते धधकती आग घर के अंदर चारों तरफ फैल गयी. इससे रखे सामान जलने लगे और धुएं से घर-आंगन में अंधकार सा छा गया . साथ ही जिस घर में बच्चे सो रहे थे, आग की लपटे वहां भी पहुंच गयी. बच्चों को धधकती आग के बीच घिरा देख बेकाबू आग के बीच मां भी कूद गयी. धधकती आग के बीच जग लड़ती मां ने तीन बेटियों को तो बचा लिया, लेकिन आठ वर्षीय बेटे को नहीं बचा सकी और खुद भी जंग हार गयी. नतीजा बचाने के क्रम में धधकती आग के बीच बेटे के साथ मां की भी मौत हो गयी.

हरियाणा में मजदूरी करने गए थे पति
गरीब तबके के बहेरा गांव निवासी मजदूर सिंधु केवट मेहनत मजदूरी का काम करते हैं. इन दिनों परिवार की परवरिश के लिए हरियाणा में मजदूरी करने चले गये थे. पत्नी किरण देवी तीन पुत्रियां व एक पुत्र के साथ रहकर घर परिवार संभाल रही थी. गुरुवार को दीपावली पर्व को लेकर चारों तरफ उत्सवी माहौल था. लेकिन, इस परिवार को क्या पता की शाम में होने वाले दीपोत्सव की खुशियों से पहले ही अहले सुबह गमों का पहाड़ टूट पड़ेगा. इस हृदय विदारक घटना में मां-बेटे की मौत से घर आंगन में चीत्कार मच गया.
आग लगने और मौत की खबर जंगल में लगी आग की तरह फैल गयी. आग नहीं बूझते देख लोगों द्वारा इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गयी. फायर ब्रिगेड व ग्रामीणों के सहयोग से आग को बुझा लिया गया. इसी बीच घर के लोगों को बचाने के क्रम में चाचा श्रवण कुमार भी झुलस गये. इस घटना की खबर लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस प्रशासन द्वारा हालात की जानकारी लेने के बाद आगे की कार्रवाई कर दोनों शवों को कब्जे में कर सदर अस्पताल भभुआ भेज दिया, जहां अंत्यपरीक्षण के बाद अंतिम दाह संस्कार के लिए दोनों शव परिजनों को सौंप दिया गया.

अनहोनी ने छीन लिया भाई का प्यार व मां के ममता की छांव
तीनों बच्चियों के सिर से भाई का प्यार व मां की ममता का छांव हुई अनहोनी हादसा ने छीन लिया. तीन वर्षीय छोटी बिटिया तन्नु को शायद यह भी पता नहीं की जिसके गोद में अठखेलियां करती थी, उस मां की ममता और भाई की खुशियां छीन गयी है. इस हृदय विदारक घटना से दरवाजे पहुंचे ढांढ़स बंधाने वालों की आंखों से भी बरबस ही आंसू छलक पड़ रहे थे.
अब तक आवास योजना का भी नहीं मिला लाभ
मौके पर आग बुझाने पहुंचे ग्रामीण बताते हैं कि सिंधु केवट पांच भाई हैं. सभी भाई अलग-अलग रहते हैं. एक भाई गांव के निकट ही दूसरी जगह मकान बना कर रहते हैं तथा चार भाई एक ही आंगन में एक-एक कमरे में किसी तरह गुजर बसर करते हैं. सिंधु को तो सरकारी आवास योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है. जिस समय आग लगी, उस समय घर की महिलाएं अपने-अपने कामों में व्यस्त थी. अचानक लगी आग के बाद सभी अपनी जान बचाने के लिए घर से इधर-उधर भागने लगी. इससे अगल-बगल के घरों में भी अफरातफरी मच गयी थी. घर से ही थोड़ी ही दूरी पर किसी अन्य कार्य में लगे चाचा श्रवण कुमार हो हल्ला की आवाज सुन पहुंचे और आग के बीच फंसे घर वालों को निकालने के दौरान यह भी गंभीर रूप से झुलस गये, जिनका इलाज पीएचसी पर कराया गया. हालांकि, वह खतरे से बाहर बताये जाते हैं.
इसे भी पढ़ें: Gopalganj Crime: दिवाली के दिन भूमि विवाद में चार लोगों पर कुल्हाड़ी से हमला, मचा हड़कंप
Gaya: अगर ऐसा हुआ तो RJD को समर्थन देंगे प्रशांत किशोर, पीके ने लालू के सामने रखी ये शर्त
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










