कैमूर न्यूज: डहरक हत्याकांड पर फूटा गुस्सा, आरोपियों को फांसी देने की उठी मांग

Published by : kumarsuryakant Updated At : 18 May 2026 10:02 PM

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श्रद्धांजलि देते लोग

Kaimur News: रामगढ़ के डहरक गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है. मृतकों की आत्मा की शांति के लिए बाजार स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में शोक सभा आयोजित कर लोगों ने श्रद्धांजलि दी. इस दौरान लोगों ने मुख्य आरोपियों को फांसी देने और अन्य दोषियों को कठोर सजा दिलाने की मांग की.

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Kaimur News (रंजय जायसवाल): रामगढ़ के डहरक गांव में कृष्ण मुरारी उनकी पत्नी सहित दो बच्चों की उनके सगे भाइयों द्वारा की गई निर्मम हत्या के बाद क्षेत्र के लोगों में आरोपियों के प्रति घृणा, नफरत और रोष देखने को मिल रहा है. वहीं मृतकों के प्रति संवेदना देखने को मिली सोमवार की शाम बाजार के दुर्गा मंदिर धर्मशाला में बाजार के व्यवसाईयों द्वारा मृत आत्माओं की शांति के लिए एक शोक सभा का आयोजन किया गया. जिसमें दर्जनों की संख्या में पहुंचे लोगों द्वारा मृतक परिवार के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

लोगों ने फांसी की मांग की

इस दौरान लोगों ने उक्त कांड के मुख्य तीन आरोपित विकास गुप्ता, राहुल उर्फ गौतम के साथ महाराष्ट्र के दीपक कुमार राजपूत की प्रशासन से फांसी की मांग की है. जबकि घर में हत्या के दौरान इस कृत्य को देखने वाले अन्य लोगों को प्रशासन से कठोर सजा दिलाने की मांग की है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता रामेश्वर गुप्ता उर्फ झगड़ू गुप्ता के द्वारा की गई मौके पर सुग्रीव गुप्ता बबलू जायसवाल, अशोक चौधरी, गुड्डू अग्रहरि, नंदू गुप्ता, बबलू जायसवाल, काशीनाथ गुप्ता, दिनेश गुप्ता, रोहित अग्रहरि, लालू गुप्ता, संजीव गुप्ता, बेचन गुप्ता सहित कई लोग मौजूद रहे.

क्या है पूरा मामला ?

मामले में दो सगे भाइयों विकास और राहुल पर अपने ही बड़े भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश और दो मासूम बच्चों कृति व अंश की निर्मम हत्या करने का आरोप है. इस दर्दनाक घटना के बीच तीसरे भाई सुभाष गुप्ता ने इंसानियत और पारिवारिक जिम्मेदारी दिखाते हुए पूरे परिवार के शवों को पटना अस्पताल से लेकर अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है.

घटना की जानकारी मिलते ही दूसरे राज्य में मजदूरी कर रहे सुभाष गुप्ता शनिवार की शाम सीधे रामगढ़ थाना पहुंचे. इसके बाद थाना अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार से संपर्क कर बिहार सरकार की कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने की बात कही. इसके बाद पंचायत के मुखिया मनोज राम द्वारा सुभाष को छह हजार रुपये की सहायता राशि दी गई, जिसके बाद वह पटना रवाना हुआ। अब वह शवों को लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में जुटा है.

इलाके में दहशत और शोक का माहौल

इधर, इस सनसनीखेज हत्याकांड की प्रत्यक्षदर्शी बनी सुभाष की नाबालिग पत्नी को पुलिस ने रविवार को पूछताछ के बाद भभुआ न्यायिक हिरासत भेज दिया है. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है. ग्रामीण अब भी इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि आखिर वह कौन सी वजह थी, जिसके कारण सगे भाइयों ने अपने ही परिवार के मासूम बच्चों तक की बेरहमी से हत्या कर दी, वह भी जन्म देने वाली मां के सामने.

60 घंटे के बाद भी बच्चों के कटे सिर बरामद नहीं

वहीं, हत्या के खुलासे के बाद बीते शनिवार की सुबह मुख्य आरोपी विकास को लेकर पुलिस अकोढ़ी नदी पहुंची थी. उसकी निशानदेही पर 60 घंटे बीत जाने के बाद भी गोताखोरों की मदद से बच्चों के कटे सिर और हत्या में प्रयुक्त टांगी व छूरी अब तक बरामद नहीं की जा सकी है, जो पुलिस के लिए सबसे अहम सुराग माने जा रहे हैं.

पुलिस लगातार छापेमारी कर रही

थाना अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि घटना के दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, जिन-जिन लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है उनके नाम प्राथमिकी में जोड़े जा रहे हैं. कुछ आरोपी अभी दूसरे राज्य में छिपे हुए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

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