70वीं BPSC में सफलता के बाद पहली बार गांव पहुंचे मृत्युंजय राज, सेल टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर का ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

Author Sunil kumar|Edited by Nikhil Anurag
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गांव पहुंचने पर मृत्युंजय राज का हुआ भव्य स्वागत

गांव पहुंचने पर मृत्युंजय राज का हुआ भव्य स्वागत

BPSC success story : मोहीउद्दीनपुर गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा जब 70वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सेल टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर बने मृत्युंजय राज अपने गांव पहुंचे. ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े और फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया. यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.

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BPSC success story : मोहीउद्दीनपुर गांव में रविवार को उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब गांव के होनहार युवा मृत्युंजय राज उर्फ राजा बाबू 70वीं बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर सेल टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर बनने के बाद पहली बार अपने गांव पहुंचे. ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े, बाजे-गाजे और फूल-मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया. पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने नाच-गाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की.

सम्मान समारोह में किया गया अभिनंदन

ग्रामीणों द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मृत्युंजय राज को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, सम्मान-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया. इसके बाद गांव पहुंचे अतिथियों और ग्रामीणों के लिए प्रीतिभोज का भी आयोजन किया गया.

कठिन परिश्रम और संस्कार का मिला परिणाम

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने तथागत बुद्ध, संत शिरोमणि रविदास और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन करते हुए मृत्युंजय राज की सफलता को पूरे जिले के लिए गौरवपूर्ण बताया. वक्ताओं ने कहा कि उनकी उपलब्धि माता-पिता के संस्कार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कठिन परिश्रम का परिणाम है.

पूरा परिवार शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी

मृत्युंजय राज की माता देवरानी सेवानिवृत्त चीफ मैट्रन सुपरिटेंडेंट हैं, जबकि उनके पिता रामानंद दास निबंधन विभाग के सेवानिवृत्त कार्यालय अधीक्षक रहे हैं. परिवार के चारों भाई-बहनों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. उनकी दो बहनें चिकित्सा पदाधिकारी हैं, जबकि छोटे भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं.

युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने मृत्युंजय राज

वक्ताओं ने कहा कि मृत्युंजय राज ने साबित कर दिया है कि स्पष्ट लक्ष्य, योजनाबद्ध तैयारी और निरंतर मेहनत से किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है. उनकी उपलब्धि अनुसूचित जाति समाज के साथ-साथ पूरे जहानाबाद जिले के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर संत शिरोमणि रविदास समिति के अध्यक्ष, शिक्षाविद एवं समाजसेवी अशोक कुमार 'प्रियदर्शी' ने मृत्युंजय राज को डायरी, पेन, पुष्पगुच्छ और सम्मान-पत्र भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.

कार्यक्रम में पूर्व बीडीओ डॉ. प्रो. अजय कुमार, डॉ. मेघा रानी, डॉ. आभा रानी, डॉ. अजय कुमार, हेड पोस्टमास्टर अर्जून राम, प्रधानाध्यापक राजसिंहासन दास, गजेंद्र प्रसाद, सतीश कुमार, सब इंस्पेक्टर हरी दास, संजय राम, वंशी दास, रामनरेश कुमार, शिक्षक सिद्धनाथ, मनोज कुमार, बालेश्वर सिंह यादव, मरछु रविदास, धर्मेंद्र दास, मुनि राम, केशव पासवान, राजपति मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.

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