पर्सनल आइडी का कर रहे व्यावसायिक उपयोग

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कुव्यवस्था. शहर में फल-फूल रहा है अवैध धंधा मोटी रकम वसूल यात्रियों को उपलब्ध कराये जा रहे टिकट जानकारी के बावजूद रेल प्रशासन नहीं कर रहा कोई कार्रवाई जहानाबाद नगर : शहर में इन दिनों अवैध रूप से रेलवे रिजर्वेशन टिकट बनाने का कारोबार फल-फूल रहा है. आइआरसीटीसी की पर्सनल आइडी पर कई-कई टिकट बना […]

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कुव्यवस्था. शहर में फल-फूल रहा है अवैध धंधा

मोटी रकम वसूल यात्रियों को उपलब्ध कराये जा रहे टिकट
जानकारी के बावजूद रेल प्रशासन नहीं कर रहा कोई कार्रवाई
जहानाबाद नगर : शहर में इन दिनों अवैध रूप से रेलवे रिजर्वेशन टिकट बनाने का कारोबार फल-फूल रहा है. आइआरसीटीसी की पर्सनल आइडी पर कई-कई टिकट बना कर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है. इस कार्य में लगे लोग यात्रियों से मोटी रकम वसूल रहे हैं. वहीं यात्री भी टिकट मिलने की आस में मोटी रकम देने से गुरेज नहीं कर रहे हैं. आइआरसीटीसी से पर्सनल आइडी बनाया गया है, जिसका उपयोग अपनी जरूरत के अनुसार स्वयं के उपयोग हेतु टिकट बुक करना होता है, लेकिन पर्सनल आइडी का व्यावसायिक उपयोग करते हुए प्रतिदिन दो-दो, तीन-तीन टिकट प्रति आइडी बनाये जा रहे हैं.
इस धंधे में लगे लोगों ने अलग-अलग नामों से दर्जनों आइडी बना रखे हैं, जिसका उपयोग टिकट बनाने के लिए धड़ल्ले से करते देखे जा रहे हैं. आइआरसीटीसी द्वारा दिये गये आइडी से महीने में छह टिकट बनाने की बात होती है. वह भी पर्सनल यूज के लिए . लेकिन इन आइडी का उपयोग कॉमर्शियल रूप से करते हुए टिकट बनाने का कारोबार चल रहा है. शहरी क्षेत्र में ऐसे दर्जनों स्थान हैं जहां रेलवे टिकट रिजर्वेशन के समय लोगों की भीड़ देखी जाती है. ये सभी लोग टिकट के इंतजार में होते हैं. कई लोग तो कुछ दिन पूर्व ही अपने लिए स्थान सुरक्षित करा लेते हैं, इसके लिए उन्हें थोड़ी अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है. इस कार्य में लगे लोग पूरी तरह गोपनीयता बरतते हैं. वे आम यात्रियों को नहीं बताते कि उनके यहां टिकट भी बनता है. लेकिन जैसे ही कोई परिचित किसी को लेकर आता है, तो उनका टिकट बना दिया जाता है.
रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर गिने-चुने यात्रियों को हीं मिल पाता है टिकट : रेलवे रिजर्वेशन काउंटर पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री कन्फर्म रिजर्वेशन टिकट तथा तत्काल टिकट के लिए लाइन लगाये खड़े देखे जाते हैं. इनमें कुछ ही यात्री भाग्यशाली होते हैं, जिन्हें कन्फर्म तत्काल टिकट मिल पाता है. ऐसे में जिन यात्रियों को यात्रा करना जरूरी होता है.
वे दलालों के चक्कर में पड़ कर वैसे स्थानों पर पहुंच जाते हैं, जहां इंटरनेट के माध्यम से अवैध रूप से टिकट बनाने का कारोबार चलता है. यहां उन्हें टिकट के लिए दोगुनी राशि खर्च करनी पड़ती है. कई बार तो यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगती है, लेकिन कई बार टिकट उपलब्ध करा दिया जाता है.
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