सर्जन के अभाव में अरवल सदर अस्पताल में एक साल से ऑपरेशन बंद, रेफर हो रहे मरीज
सदर अस्पताल अरवल.
Arwal News : अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर मौजूद है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है
अरवल से निशिकांत कि रिपोर्ट
Arwal News : जिले के सदर अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. स्थिति यह है कि पिछले करीब एक साल से अस्पताल में ऑपरेशन पूरी तरह बंद हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है.
मरीज को कर दिया जाता है रेफर
जानकारी के अनुसार, अरवल सदर अस्पताल में एक भी सर्जन उपलब्ध नहीं है. पहले उपलब्ध एकमात्र सर्जन उच्च स्तरीय अध्ययन के लिए बाहर चले गए, जिसके बाद ऑपरेशन सेवाएं ठप हो गईं. हालांकि अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर मौजूद है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है.
11 चिकित्सकों के सहारे चल रहा अस्पताल
जिला का यह प्रमुख अस्पताल फिलहाल मात्र 11 चिकित्सकों के सहारे चल रहा है. पर्याप्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में आपात स्थिति में आने वाले मरीजों को अक्सर अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है. अरवल सदर अस्पताल में संसाधनों की उपलब्धता होने के बावजूद शल्य चिकित्सा सेवाएं बंद हैं. प्रति माह 100 से अधिक मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित
अस्पताल में बर्न वार्ड, चर्म रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण पद भी खाली हैं. रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में अल्ट्रासाउंड सुविधा भी सीमित उपयोग में रह गई है. हृदय रोग, सामान्य चिकित्सा और अन्य कई विशेषज्ञ सेवाओं की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि संसाधन और भवन होने के बावजूद डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
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By Rajeev Kumar
राजीव कुमार डिजिटल कंटेंट राइटर राजीव कुमार ( डिजिटल कंटेंट राइटर) राजीव कुमार वर्तमान में प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. मई 2026 में प्रभात खबर के डिजिटल विंग से जुड़े हैं. पत्रकारिता में न्यूज डेस्क पर काम करने का तीन साल का अनुभव है. प्रभात खबर में जुड़ने से पहले हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर में काम कर चुके हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बिहार से जुड़ी खबरों को करते हैं.जिले की खबरों समेत लोकल खबर पर नजर बनाए रखते हैं. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं. विशेषज्ञता राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है. पत्रकारिता अनुभव राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम,खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. करीब एक साल तक हिंदुस्तान अखबार में काम करने बाद दैनिक भास्कर में काम करने का मौका मिला.दैनिक भास्कर में जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.करीब दो साल तक दैनिक भास्कर में काम करने के बाद प्रभात खबर डिजिटल में पारी की शुरुआत की. शिक्षा/पुरस्कार मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. दैनिक भास्कर में काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
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