30 हजार से अधिक बच्चे पोषक आहार से वंचित

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अनदेखी. एक माह से आंगनबाड़ी केंदों पर लगा है ताला विद्यालय पूर्व शिक्षा से भी वंचित हो रहे बच्चे जहानाबाद,नगर : छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करते हुए अनेक प्रकार की सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराया जाता है. […]

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अनदेखी. एक माह से आंगनबाड़ी केंदों पर लगा है ताला

विद्यालय पूर्व शिक्षा से भी वंचित हो रहे बच्चे
जहानाबाद,नगर : छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करते हुए अनेक प्रकार की सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराया जाता है. केंद्रों पर पूरक पोषण, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, रेफरल सेवाएं, विद्यालय पूर्व और अनौपचारिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा बच्चों को उपलब्ध करायी जाती है. विशेष रूप से कुपोषित बच्चों को पूरक पोषाहार देकर उन्हें कुपोषण मुक्त बनाया जाता है. ताकि सामान्य बच्चों की तरह वह भी जीवन बसर कर सकें. लेकिन जिले में विगत एक माह से आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लटका हुआ है.
जिस कारण बच्चे पूरक पोषाहार से वंचित हैं. जिले में 999 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन होता है. जिन पर 30 हजार से अधिक बच्चे आते हैं तथा पूरक पोषाहार के साथ ही अनौपचारिक शिक्षा ग्रहण करते हैं. विगत 22 मार्च से केंद्रों में ताला लटके रहने के कारण ये बच्चे पोषक आहार से तो वंचित हो ही रहे हैं इनका टीकाकरण भी प्रभावित हो रहा है. आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के साथ ही गर्भवती माताओं, प्रसूता महिलाओं के लिए भी कई कार्यक्रम चलाये जाते हैं लेकिन ये सभी कार्यक्रम बंद पड़े हैं.
ऐसे में बच्चों के साथ-साथ गर्भवती माताएं व प्रसूता महिलाएं भी प्रभावित हो रही हैं. केंद्रों पर ताला लटके रहने के कारण सेवाएं प्रभावित है तथा बच्चे कुपोषण मुक्त होने के बजाय कुपोषित हो रहे हैं.
हड़ताल पर हैं सेविका-सहायिका: सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के साथ ही अन्य कई मांगों को लेकर जिले के सेविका-सहायिकाएं विगत 22 मार्च से हड़ताल पर हैं. जिस कारण आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन पूरी तरह प्रभावित है. सेविका-सहायिका सरकारी कर्मचारी की तरह सुविधाएं देने, आइसीडीएस के निजीकरण पर रोक लगाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे हैं. वहीं केंद्र से लाभान्वित होने वाले बच्चे व गर्भवती महिलाएं लाभ से वंचित uwx.
सेवाएं हैं बाधित
सेविका-सहायिकाओं की हड़ताल के कारण विभिन्न तरह की सेवाएं बाधित है. बच्चों के साथ ही गर्भवती महिलाएं, प्रसूता महिलाएं भी परेशान हो रही हैं, लेकिन जब तक हड़ताल समाप्त नहीं हो जाती इन सेवाओं को बहाल करना संभव नहीं है.
शैलेंद्र कुमार चौधरी, डीपीओ ,आइसीडीएस
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