बाल्टी में उलटा डुबो कर की थी हत्या

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घर में किया बच्चे का मुंडन,छींटा अक्षत फिर कर दी हत्या रात होने पर कुड़े के ढेर में दफन कर दिया था शव शक से शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई यकीन तक पहुंची जहानाबाद : काको थाना क्षेत्र के नदियावां निवासी जितेंद्र रवानी का छह वर्षीय मासूम पुत्र दीपक उर्फ घंटीलाल को अंधविश्वास की बलि […]

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घर में किया बच्चे का मुंडन,छींटा अक्षत फिर कर दी हत्या

रात होने पर कुड़े के ढेर में दफन कर दिया था शव
शक से शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई यकीन तक पहुंची
जहानाबाद : काको थाना क्षेत्र के नदियावां निवासी जितेंद्र रवानी का छह वर्षीय मासूम पुत्र दीपक उर्फ घंटीलाल को अंधविश्वास की बलि चढ़ा दिया गया. गांव के ही निवासी और बगलगीर (पड़ोसी)बेऔलाद एक दंपती ने जीवित पुत्र जन्म देने की अंधविश्वासी चाहत में तंत्र मंत्र का सहारा लिया. भगत-भक्तिन के कहने पर पड़ोसी ने ही वर्षो से चाचा-चाची कहने वाले दीपक को 12 अप्रैल को अगवा किया फिर उसका सिर मुंडन कर तंत्र साधना की .उस पर अक्षत छिड़के और पानी भरे बाल्टी में लटकाकर उसमें डूबो-डूबो और तड़पा-तड़पा कर बच्चे को मार डाला. 12 अप्रैल से दीपक अपने गांव नदियावां की गली से लापता था .
काको थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज होने के बाद तकनीकी तरीके से किये गये अनुसंधान में खुलासा हुआ कि पड़ोसी राधेश्याम और उसकी पत्नी सुषमा देवी ने अपना बांझपन दूर करने और जिंदा बेटा जन्म देने के लिए एक भगत दंपती के कहने पर मासूम की हत्या कर दी. एसपी आदित्य कुमार ने मंगलवार की शाम चार बजे प्रेस कॉन्फेंस में उक्त गंभीर मामले का खुलासा किया और पूरी घटना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पड़ोसी उक्त दंपती के साथ-साथ भगत दंपती प्रभु रजक और उसकी पत्नी भक्तिन संगीता देवी को गिरफ्तार किया गया है.
भक्तिन खुद थी बांझ ,दूसरे के लिए करती थी झांड़-फूंक
राधेश्याम की शादी आठ साल पहले हुई थी. काफी इलाज के बाद भी उसे कोई संतान नहीं है. उसे कुछ लोगों ने जानकारी दिया कि गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के ओर गांव में एक भगत-भक्तिन तंत्र साधना-झाड़फूंक के जरिये बच्चा पैदा कराती हैं.तब वह अपनी पत्नी सुषमा देवी को लेकर बेटा जनने की लालसा के साथ ओर गांव पहुंचा. भगत प्रभु रजक और पत्नी भक्तिन संगीता देवी के पास वह गया .
उक्त भक्तिन खुद बांझ है .पिछले वर्ष से ही झांड़-फूंक कर बांझ सुषमा के साथ तंत्र साधना किया जा रहा था.बताया गया है कि उसके पति को बाहर चौकी पर बिठा दिया जाता था और एक कमरे में महिला के साथ तीन -चार घंटे तक झांड़-फूंक किया जाता था.
इस दौरान वह गर्भवती भी हो गयी. एसपी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लगातार सात सप्ताह झांड़-फूंक के बाद आठवें सप्ताह में भक्तिन ने कहा कि अब नहीं आना है. अंतिम माह में एक बच्चे की बलि देनी होगी क्योंकि बलि देने के बाद जो बच्चा जायेगा वही बच्चा तुम्हारे गर्भ से जन्म लेगा. इसके लिए भक्तिन ने एक बच्चा की व्यवस्था कर सूचना देने को कहा था .प्रसव के अंतिम माह में बलि का पूजा-पाठ करने की योजना बनायी गयी थी.
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