सावधान! एटीएम और बैंकों में जानेवाले ग्राहकों से ठगी कर रहे अपराधी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Apr 2018 5:05 AM

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जहानाबाद सदर : एटीएम पर इन दिनों ठगों की नजर है. गिरोह के सदस्य बैंक के आसपास मंडराते रहते हैं और मौका मिलते ही ठगी को अंजाम दे देते हैं. पुलिस लाख पहरा देने का दावा करे लेकिन ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं. आये दिन ग्रामीण परिवेश के लोगों को निशाना बनाना […]

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जहानाबाद सदर : एटीएम पर इन दिनों ठगों की नजर है. गिरोह के सदस्य बैंक के आसपास मंडराते रहते हैं और मौका मिलते ही ठगी को अंजाम दे देते हैं. पुलिस लाख पहरा देने का दावा करे लेकिन ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं. आये दिन ग्रामीण परिवेश के लोगों को निशाना बनाना इनकी प्राथमिकता में शामिल है. अगर ऐसे लोग नहीं मिले तो रुपये बदलने की बाद कह पढ़े-लिखे लोगों को भी अपने जाल में फंसा लेते हैं.

मदद का झांसा देकर एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर लेते हैं और बाद में उनके खाते से मोटी रकम निकाल लेते हैं. इन ठग गिरोहों के आतंक से पुलिस भी परेशान हैं. नगर थाने में इस तरह की शिकायतें रोजमर्रा की बात हो गयी हैं. थाने में ठगी के मामले दर्ज तो होते हैं. पुलिस मामले की जांच भी करती है लेकिन हाथ कुछ भी नहीं आता. ये ठग अपने पास अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड रखते हैं. किसी तकनीकी कारण से रुपये निकलने में थोड़ा विलंब होता है तो उस समय ठगी करने वाले लोग सहायता का झांसा देकर एटीएम कार्ड बदल देते हैं. मैसेज या पासबुक अपडेट कराने पर जब ठगी का पता चलता है तो ठगी का शिकार व्यक्ति हाथ मलता रह जाता है. शिकायत मिलने पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगालती है लेकिन उसे वहां भी कुछ नहीं मिलता.

बैंकों में ठग गिरोह रहता है सक्रिय : एटीएम के साथ ही ठग गिरोह बैंकों में भी सक्रिय रहता है. जिला मुख्यालय में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पीएनबी में भीड़-भाड़ रहने के कारण ठग गिरोह इन बैंकों में ज्यादा सक्रिय रहता है. ठग गिरोह के सदस्य बैंक खुलते ही बैंक में पैसा निकासी के बहाने पहुंच जाता है तथा उन ग्राहकों पर नजर गड़ाना शुरू कर देता है जो बैंक से बड़ी रकम निकालने आते हैं.
जैसे ही व्यक्ति पैसा लेकर बाहर निकलता है. अपराधी अपने साथी के इशारा मिलते ही रुपये छीन कर भाग जाते हैं. एक सप्ताह पूर्व भारतीय स्टेट बैंक से एक ग्राहक रुपये निकालकर टेंपो पर बैठ ही रहा था कि झपट्टा मारकर अपराधी फरार हो गया.
खाते से पैसे निकालने में एटीएम सबसे सरल एवं सुलभ माध्यम है. जानकारी के अभाव में यही एटीएम कभी-कभार जी का जंजाल बन जाता है. इन दिनों जिले की एटीएम पर ठगों की नजर है. ठग ग्रामीण परिवेश की महिलाओं और मजदूर तबके के लोगों को निशाना बनाते रहे हैं.
सहयोग का झांसा देकर एटीएम कार्ड बदल लेना और खाते को खाली कर देने वाले गिरोह ने जिले में अपना नेटवर्क फैला रखा है. कई दफा कुछ लोग पकड़े भी गये लेकिन घटनाएं नहीं रुक रहीं
बीते छह अप्रैल को शकुराबाद मध्य बिहार ग्रामीण बैंक एटीएम से पैसा निकालने गयी मखदुमपुर थाना क्षेत्र के विशुनपुर इक्कील गांव निवासी नीलम से 25 रुपये ठग लिये गये.
अपने जरूरी काम के लिए पैसे निकालने गयी थी जहां ठगों ने झांसा देकर महिला के रुपये ठग लिये.
विगत 3 अप्रैल को कुसरे गांव निवासी रिटायर्ड फौजी बीरा रजक एसबीआई मेन ब्रांच से पैसे की निकासी कर बाहर एटीएम के पास पैसे की मिलान कर रहे थे. अपने जाल में फांसकर 40 हजार रुपये उड़ा लिये.
विगत 9 अप्रैल को एसबीआई कैंपस से ही ठगों ने गोविंदपुर प्राथमिक विद्यालय में तैनात एक शिक्षक को चूना लगाकर 40 हजार रुपये ठग लिये. उक्त शिक्षक पैसे की निकासी कर कैंपस में ही मौजूद थे कि ठगों के शिकार हो गये .
क्या कहते हैं बैंक प्रबंधक
ग्राहकों को खुद जागरूक रहने की जरूरत है. किसी भी हाल में कोई ग्राहक अपना पिन कोड और एटीएम किसी भी दूसरे शख्स को नहीं दे. सहायता करने वाले लोग भरोसे के काबिल नहीं हैं. इनलोगों ने यहां ठगी का जाल बिछा रखा है. ग्राहकों को सतर्क रहते हुए सहायता के लिए एटीएम के गार्ड या अपने किसी परिजन पर ही भरोसा करना चाहिए. राजीव कुमार सिन्हा, मुख्य प्रबंधक, एसबीआई, जहानाबाद
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