मधेपुरा में लंबित मामलों पर DIG का सख्त रुख, चार पुलिस इंस्पेक्टरों का वेतन रोका

सहरसा – समीक्षा बैठक करते डीआईजी
Madhepura Crime Review: मधेपुरा जिले में लंबित आपराधिक मामलों को लेकर कोशी रेंज के डीआईजी ने कड़ा रुख अपनाया है. समीक्षा बैठक में कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर चार पुलिस इंस्पेक्टरों का वेतन रोक दिया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है.
सहरसा से अंजान आर्यन सिंह की रिपोर्ट
Madhepura Crime Review: कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष ने मधेपुरा जिले में लंबित कांडों की समीक्षा के दौरान अनुसंधान और पर्यवेक्षण में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई. पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर आयोजित समीक्षा बैठक में कई मामलों में प्रगति संतोषजनक नहीं मिलने पर चार पुलिस निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई. डीआईजी ने स्पष्ट किया कि कार्यशैली में सुधार नहीं होने पर और कठोर कदम उठाए जाएंगे.
लंबित मामलों की समीक्षा में सामने आई लापरवाही
समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक मधेपुरा और सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों के साथ मई 2026 के दैनिक प्रतिवेदनों का अवलोकन किया गया. इस दौरान विभिन्न थानों में अनुसंधान और पर्यवेक्षण के लिए लंबित मामलों की स्थिति चिंताजनक पाई गई. विशेष रूप से सदर और उदाकिशुनगंज अंचल से जुड़े मामलों को लेकर डीआईजी ने नाराजगी जताई.
चार पुलिस निरीक्षकों का वेतन रोका गया
कार्य निष्पादन संतोषजनक नहीं पाए जाने पर चार पुलिस निरीक्षकों का वेतन धारित कर दिया गया है. साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है. अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो आगे और सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जून के भीतर 1978 लंबित कांडों के निष्पादन का लक्ष्य
बैठक में जिले के कुल 1978 लंबित कांडों को चिन्हित किया गया. डीआईजी ने इन मामलों का जून माह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निपटारे में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अनुसंधान की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
डीआईजी ने सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे अनुसंधानकर्ताओं के पास लंबित मामलों, केस डायरी, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और वारंट निष्पादन की नियमित समीक्षा करें. जिन अधिकारियों के पास अधिक मामले लंबित हैं, उनके मामलों का क्षमता के अनुसार अन्य अधिकारियों में वितरण करने को भी कहा गया.
अच्छा काम करने वालों को मिलेगा पुरस्कार
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि कांड दैनिकी लेखन में लापरवाही बरतने वाले अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए. वहीं एक माह में कम से कम पांच मामलों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं को पुरस्कृत करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाए.
हर सप्ताह होगी समीक्षा
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने कहा कि लंबित कांडों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन की निगरानी के लिए प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी. अगली समीक्षा बैठक पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के साथ आयोजित होगी, ताकि मामलों का जल्द और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जा सके.
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लेखक के बारे में
By प्रत्युष प्रशांत
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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