वाहनों का तोड़ा शीशा, विद्युत कर्मी को पीटा
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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दुखद. करेंट से किसान की मौत पर लोगों ने अस्पताल व बिजली कार्यालय में किया हंगामा एनएच 83 को जाम कर वाहनों का परिचालन किया ठप 11 हजार वोल्ट के लटके तार की चपेट में आने से गयी जान कई बार शिकायत के बाद भी तार को नहीं किया गया दुरुस्त रतनी/जहानाबाद : परसबिगहा थाने […]
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दुखद. करेंट से किसान की मौत पर लोगों ने अस्पताल व बिजली कार्यालय में किया हंगामा
एनएच 83 को जाम कर वाहनों का परिचालन किया ठप
11 हजार वोल्ट के लटके तार की चपेट में आने से गयी जान
कई बार शिकायत के बाद भी तार को नहीं किया गया दुरुस्त
रतनी/जहानाबाद : परसबिगहा थाने के मिश्रबिगहा गांव में शुक्रवार की सुबह 11 हजार वोल्ट के लटके तार की चपेट में आ जाने से एक किसान की मौत हो गयी. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच 83 को मई हॉल्ट के पास घंटों जाम रखा. साथ ही मुआवजे की मांग को लेकर उग्र लोगों का जत्था सदर अस्पताल व बिजली कार्यालय में भी जम कर हो-हल्ला किया. बताया जाता है कि महेंद्र यादव का 30 वर्षीय पुत्र कमलेश कुमार धान की रोपनी कराने के लिए मोरी का बोझा ढो रहा था, जो 11 हजार वोल्ट के लटके तार से स्पर्श कर गया. इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गयी. परिजनों ने आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल लाया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया.
मौत की खबर फैलते ही ग्रामीण उग्र हो गये और सबसे पहले पटना-गया मुख्य मार्ग एनएच 83 को मई हॉल्ट के समीप जाम कर दिया. इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने कई वाहनों के शीशे तोड़े तथा एनएच के समीप लिंक रोड को भी जाम कर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया. जाम की सूचना मिलते ही परसबिगहा थानाध्यक्ष ऋतुराज दल-बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे तथा हल्का बल प्रयोग कर जाम को हटाया. आक्रोशित ग्रामीणों ने एक घंटा तक जाम रखा.
इसके कारण मई हॉल्ट के समीप दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा. जाम समाप्त होने के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ व आक्रोशितों का जत्था अस्पताल व बिजली ऑफिस में पहुंच कर हंगामा शुरू कर दिया. शव के साथ बिजली ऑफिस में पहुंचे लोगों का हुजूम गुस्से का इजहार करते हुए मुआवजे की मांग विभाग से करने लगा. इस दौरान कुछ बिजली कर्मियों से ग्रामीणों की नोक-झोंक भी हुई.
आक्रोशित लोगों ने एक बिजली कर्मी की पिटाई भी कर दी. इसके बाद सभी बिजली कर्मी कार्यालय छोड़कर भाग खड़े हुए. ग्रामीणों का कहना था कि जर्जर तार व लटके तार की सूचना हमलोगों ने कई बार बिजली विभाग को दिया, लेकिन विभाग ने नहीं सुनी. अगर हमलोगों की फरियाद सुनी गयी होती, तो हादसा ही नहीं होता. सिर्फ बिजली विभाग की लापरवाही से किसान की मौत हुई है. बाद में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता आमोल कुमार ने ग्रामीणों को जर्जर तार शीघ्र बदलने का आश्वासन दिया तथा नियमानुसार मुआवजा देने का भरोसा दिलाया, तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया.
दो वर्षों में गयी 10 लोगों की जान
दो साल के दौरान नौरू पंचायत में करेंट से करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है. जान गंवाने वाले लोगों में अधिकतर गरीब मजदूर और किसान ही शामिल हैं. इलाके में वर्षों से बिजली के जर्जर तार लटके हालात में हैं, जो कभी टूट कर गिरता है या कभी खेतों में काम करने वाले किसानों की जान लेता रहा है. घटना के बाद कई दफा बिजली विभाग में इसकी मरम्मती की गुहार भी लगायी जा चुकी है.
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