जिले में अब तक 44 प्रतिशत ही हुई है धान की रोपनी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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लक्ष्य से दूर. समय से बारिश नहीं होने पर पिछड़ा धान रोपनी कार्य 50 हजार हेक्टेयर में धान रोपनी का है लक्ष्य जहानाबाद नगर : धान रोपनी का अनुकूल समय धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है. ऐसे में लक्ष्य के अनुरूप जिले में धान रोपनी का कार्य काफी पीछे है. समय पर बारिश नहीं होने […]
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लक्ष्य से दूर. समय से बारिश नहीं होने पर पिछड़ा धान रोपनी कार्य
50 हजार हेक्टेयर में धान रोपनी का है लक्ष्य
जहानाबाद नगर : धान रोपनी का अनुकूल समय धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा है. ऐसे में लक्ष्य के अनुरूप जिले में धान रोपनी का कार्य काफी पीछे है. समय पर बारिश नहीं होने से किसानों को खेत तैयार करने में परेशानी हुई, जिसका असर धान रोपनी पर पड़ता दिख रहा है. जिले में धान रोपनी का कार्य जुलाई प्रथम सप्ताह से ही आरंभ हो जाता है. हालांकि शुरुआत के दिनों में बारिश नहीं होने के कारण गिने-चुने किसान ही मोटर का सहारा लेकर धान की फसल लगाने में सफल रहे. हालांकि मध्य जुलाई के बाद जिले में बारिश होने लगी, इसके बाद धान रोपनी का कार्य आरंभ हुआ, लेकिन जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य अभी भी पूरा होता नहीं दिख रहा है.
जिले में 50 हजार हेक्टेयर में धान रोपनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अंतिम जुलाई तक धान रोपनी के लिए विभाग द्वारा समय निर्धारित है. उसके बाद भी कई किसान 15 अगस्त तक धान रोपनी का कार्य करते हैं, जुलाई माह समाप्त होने को है, लेकिन अब तक लक्ष्य के आधा भी धान रोपनी नहीं हो पायी है. कृषि विभाग से के अनुसार समय पर बारिश तो नहीं हुई, लेकिन अब तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी उससे अधिक बारिश हुई है. विभागीय अधिकारियों की मानें तो 24 जुलाई तक 219 एमएम बारिश होनी चाहिए. वहीं अब तक 233 एमएम बारिश हो चुकी है, लेकिन समय का खेल है कि जब किसानों को बारिश की जरूरत थी तब उन्हें लू के थपेड़े झेलने पड़े अब जबकि बारिश होने लगी है तब मजदूरों की कमी धान रोपनी में आड़े आने लगी है. किसानों की मानें तो जुलाई माह के अंत तक धान रोपने का उत्तम समय माना जाता है. इसमें उत्पादन की अच्छी संभावना बनी रहती है. जुलाई माह तक लंबी अवधि के धान की फसल भी लगायी जाती है.
जुलाई माह के बाद कम अवधि की धान की फसल बोई जाती है जिसका उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है. वर्तमान समय में कृषि कार्य काफी महंगा हो गया है. ऐसे में अगर समय पर बारिश नहीं हो तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है.
बोले कृषि पदाधिकारी
समय पर बारिश नहीं होने के कारण धान रोपनी का कार्य पिछड़ा हुआ है. अब तक लक्ष्य से आधा भी धान रोपनी का कार्य नहीं हो पाया है. हालांकि अब प्रतिदिन बारिश होने लगी है. ऐसे में धान रोपनी कार्य में तेजी आयेगी.
शंकर झा, जिला कृषि पदाधिकारी
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