आठ के बदले चार मेगावाट बिजली की हो रही आपूर्ति

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परेशानी. बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरायी शकुराबाद ग्रिड को नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली जहानाबाद : जिले के शकुराबाद ग्रिड को इन दिनों पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है. अनियमित बिजली आपूर्ति होने के कारण ग्रामीण परेशान हैं. शकुराबाद […]

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परेशानी. बारिश से बिजली व्यवस्था चरमरायी
शकुराबाद ग्रिड को नहीं मिल रही पर्याप्त बिजली
जहानाबाद : जिले के शकुराबाद ग्रिड को इन दिनों पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. बारिश की वजह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है. अनियमित बिजली आपूर्ति होने के कारण ग्रामीण परेशान हैं. शकुराबाद ग्रिड से जूड़े गांव में बारिश की वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बीते दो दिनों से बिजली की आंखमिचौनी जारी है . बिजली कब आती है कब चली जाती है यह लोगों को पता नहीं चल पाता. हालांकि बिजली बाधित होने के पीछे कई कारण हैं. बीते दो दिनों से इरकी से शकुराबाद जाने वाले 33 हजार केबी लाइन में गड़बड़ी होने के कारण बिजली बाधित रही.
जिसे बुधवार की सुबह ठीक करने में बिजली कर्मी जुटे थे. देवचंद बिगहा के समीप 33 हजार केबी का लाइन नीचे आ जाने के कारण बुधवार के दिन भी बिजली बाधित रही. वहीं अमैन गांव के समीप इनसुलेटर व ब्रेकेट में गड़बड़ी होने के कारण बीती रात बिजली गुल रही. बिजली नहीं रहने के कारण अमैन,शाहपुर, पिंजौर,चैनपुरा, शकुराबाद, रतनी सहित दर्जनों गांव में अंधेरा छाया रहा. लोग बिजली आने की आस में देर रात तक इंतजार करते रहे. बारिश की वजह से तकनीकी गड़बड़ी होने के कारण लोगों को दो -चार घंटे भी लगातार बिजली नहीं मिल पा रही है. बताया जाता है कि नियमित बिजली आपूर्ति के लिए सात से आठ मेगावाट बिजली की जरूरत है .जबकि चार मेगावाट ही बिजली मिल पाती है.कम बिजली मिलने के कारण भी बिजली आपूर्ति बाधित रहती है. बिजली कम मिलने से शकुराबाद के पश्चिमी इलाके में रोटेशन पर लाइन दिया जाता है.वहीं पिक ऑवर में लोड बढ़ने के कारण इरकी ग्रिड में ब्रेकर की क्षमता कम रहने के कारण अधिक लोड होने पर बिजली गुल हो जाती है.हालांकि ब्रेकर से हो रही परेशानी को देखते हुए विभाग ने पहल शुरू कर दी है. चार- छह माह में दिक्कत को दूर कर लिए जाने की आशंका जतायी जा रही है.
सात से आठ मेगावाट बिजली की जरूरत है. जरूरत की अपेक्षा चार मेगावाट ही बिजली मिल पाती है. बारिश की वजह से कई जगहों पर गड़बड़ी उत्पन्न हो गयी है जिसे दूर कर लिया गया है. बिजली व्यवस्था बहाल कर दिया गया है.
निखत परवीन, जेइ
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