बेअसर साबित हो रहा डीआरएम का आदेश

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रेल पुलिस की मिली भगत से फलफूल रहा है धंधा जहानाबाद : रेलवे स्टेशन परिसर का वाहन पड़ाव अवैध वसूली का अड्डा बना है. आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों और कर्मियों के सामने रोज वाहन मालिकों एवं चालको से वसूली की जाती है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. रेल पुलिस की यह शिथिलता मिलीभगत को […]

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रेल पुलिस की मिली भगत से फलफूल रहा है धंधा

जहानाबाद : रेलवे स्टेशन परिसर का वाहन पड़ाव अवैध वसूली का अड्डा बना है. आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों और कर्मियों के सामने रोज वाहन मालिकों एवं चालको से वसूली की जाती है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. रेल पुलिस की यह शिथिलता मिलीभगत को दर्शा रहा है. इस मामले में डीआरएम का आदेश भी बेअसर साबित हो रहा है. यह स्थिति लंबे समय से बनी हुइ है. स्टेशन परिसर में वाहनों के जमावड़े से यात्रियों को आवागमन में बेहद कठिनाई झेलनी पड़ रहीं है.
जहानाबाद स्टेशन परिसर अतिक्रमण के नाम पर वैसे हीं बदनाम है. 50 से अधिक दुकाने परिसर में संचालित है. जिससे प्रतिदिन 40 रुपये प्रति दुकानदार से वसूली होती है. नाजायज कमाई करने के लिए स्टेशन परिसर की स्थिति अब तो इस कदर बना दी गयी है कि स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार लगातार चप्पे-चप्पे में दुकानें लगवाई जाती है. दुकानों के साथ-साथ वाहनों के जमावड़े से परेशानी बढ़ गयी है.
रेलवे को हो रहीं है राजस्व की हानि :कई महीनों से स्टेशन परिसर के वाहन पार्किंग स्थल का टेंडर नहीं हुआ है. फिलहाल फ्री पार्किंग की व्यवस्था है. किसी भी यात्री को वाहन लगाने के नाम पर पैसे नहीं देने है.
लेकिन कुछ लोगों ने एक जमायत बनाकर स्टेशन के पार्किंग प्लेस को अवैध वसूली का अड्डा बना दिया है. जहां चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के अलावा टेम्पो चालको से प्रतिदिन हजारों रूपये की वसूली की जा रहीं है. परिसर में प्रतिदिन एक सौ से अधिक विभिन्न वाहनों को लगाया जाता है. इस मामले में आरपीएफ और जीआरपी के पुलिसकर्मी कभी भी कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझे. सूत्र बताते है कि अवैध वसूली मद के रूपयों का तीन भागों में बंटवारा होता है.
जियो और जीने दो के सिद्धांत पर अवैध वसूली को बढ़ावा दिया जा रहा है. रेलवे के कानून की खुलेआम धजियां उड़ाकर रख दी गई है. अवैध पार्किंग का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है. किसी ट्रेन के आने पर स्टेशन परिसर में वाहनों की भीड़ से यात्रियों को गुजरना मुश्किल हो जाता है.
डीआरएम के आदेश की नहीं है परवाह
दानापुर रेल मंडल के डीआरएम ने जहानाबाद स्टेशन परिसर का चार बार निरीक्षण किया. उनके आगमन की सूचना पर दुकाने तो हटवा दी जाती है. लेकिन पार्किंग प्लेस में बड़ी संख्या में खड़े वाहन यथवत रहते है. निरीक्षण के उपरांत चले जाने पर दुकाने फिर से सज जाती है. हाल हीं में निरीक्षण करने आये डीआरएम पार्किंग प्लेस में खड़े वाहनों को देखा था और जब उन्हें पता चला कि इसका टेंडर नहीं हुआ है तो वे भड़क गये थे. उन्हें बताया गया था यह वाहन पड़ाव गैर-कानूनी ढंग से चल रहा है तो गुस्साये डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को उसका टेंडर कराने का निर्देश दिया था लेकिन अब तक आदेश बेअसर साबित हुआ है. ऐसी हालत में रेलवे को लाखो रूपये की राजस्व की हानि हो रहीं है और अवैध वसूली मद का पैसा तथाकथित ठेकेदार, दलाल एवं रेलवे के कर्मियों के जेबों में जा रहीं है. इसके लिए लोग सीधे तौर पर रेल पुलिस को जिम्मेवार बता रहे है. लोगों का कहना है कि यदि आरपीएफ और जीआरपी थोड़ी सी भी कार्रवाई करे तो अवैध धंधे को समाप्त किया जा सकता है.
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