राष्ट्रीय लोक अदालत का निर्णय होता है अंतिम, अपील का प्रावधान नहीं

Updated at : 14 Mar 2026 10:08 PM (IST)
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राष्ट्रीय लोक अदालत का निर्णय होता है अंतिम, अपील का प्रावधान नहीं

ष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजन

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जमुई व्यवहार न्यायालय में 1200 से अधिक मामलों का किया निष्पादन

ढाई करोड़ रुपये से अधिक का हुआ सुलहनामा, सवा करोड़ से ज्यादा राशि की वसूली

जमुई. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को जमुई व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. सुलहनीय मामलों के निबटारे के लिए आयोजित इस विशेष अदालत में 1200 से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया. वहीं ढाई करोड़ रुपये से अधिक राशि का सुलहनामा हुआ तथा सवा करोड़ रुपये से अधिक की राशि की वसूली की गयी.

राष्ट्रीय लोक अदालत में कम समय व कम खर्च में न्याय हो पाता है संभव

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मौके पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत सुलहनीय वादों के निष्पादन के लिए सबसे प्रभावशाली माध्यम है. यहां पक्षकारों को कम समय और कम खर्च में त्वरित न्याय मिलता है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से लंबे समय तक चलने वाली कानूनी लड़ाई समाप्त होती है और वादियों को बड़ी राहत मिलती है. उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों के निबटारे के लिए लचीला रुख अपनाया जाता है. इससे कम समय और कम खर्च में न्याय संभव हो पाता है. इससे वादियों को बार-बार कोर्ट आने और पूरे दिन समय बर्बाद होने जैसी परेशानियों से भी राहत मिलती है. इसके साथ ही लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है और इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता है.

लंबे समय तक चलने वाले वाद देते हैं अनावश्यक तनाव

कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विकास कुमार ने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले वाद व्यक्ति को अनावश्यक तनाव देते हैं और धन की भी हानि होती है. उन्होंने पक्षकारों से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की.एडीएम रविकांत सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बिना खर्च के त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाता है. उन्होंने इसके सफल आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग देने की बात कही.जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राकेश रंजन ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में सुगम, सुलभ और सस्ता न्याय उपलब्ध होता है. यहां मामलों का अंतिम रूप से निबटारा होता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है. उन्होंने बताया कि इस अदालत में बीमा, बिजली, वन, बैंक, श्रम, खनन, दूरभाष, माप-तौल, उत्पाद, वैवाहिक वाद, मोटर दुर्घटना, एनआइ एक्ट, राजस्व तथा ट्रैफिक चालान से जुड़े सुलहनीय मामलों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया जाता है.

उद्घाटन सत्र में थे मौजूद

राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन सत्र में न्यायिक पदाधिकारी सुधीर सिन्हा, कमला प्रसाद, अमोद कुमार, श्री सत्यम, भाविका सिंह, मृणाल आर्यन, अनिमेष रंजन, एहसान राशिद, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष सीताराम सिंह, डीटीओ डॉ. सुनील कुमार, पुलिस लाइन डीएसपी सुरेश प्रसाद, एसबीआई के एजीएम चंपक दास, एसबीआई जमुई के मुख्य प्रबंधक सौरभ कुमार, एसबीआई गिद्धौर के प्रबंधक राजुल कुमार, एलडीएम लक्ष्मी एक्का, बैंक ऑफ इंडिया की प्रबंधक सोनम कुमारी, कोर्ट कर्मी मुकेश रंजन सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.

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By PANKAJ KUMAR SINGH

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