दूरसंचार ने दुनिया को बनाया ग्लोबल विलेज, जमुई में हुई परिचर्चा
Published by : Pratyush Prashant Updated At : 19 May 2026 1:49 PM
World Telecommunication Day
World Telecommunication Day: मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क ने आज दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है. विश्व दूरसंचार दिवस के मौके पर जमुई में आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि दूरसंचार अब केवल तकनीक नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बन चुका है.
World Telecommunication Day: जमुई से रिपोर्ट — विश्व दूरसंचार दिवस के अवसर पर जमुई नगर परिषद क्षेत्र के महाराजगंज में “मानव समाज और राष्ट्र के विकास में दूरसंचार का महत्व” विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ गौरीशंकर पासवान ने की. इस दौरान वक्ताओं ने दूरसंचार को आधुनिक सभ्यता की जीवन रेखा बताते हुए शिक्षा, सामाजिक बदलाव और राष्ट्रीय विकास में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की.
दूरसंचार बना आधुनिक समाज की ताकत
अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ गौरीशंकर पासवान ने कहा कि जिस प्रकार मानव शरीर में रक्त संचार जीवन के लिए जरूरी है, उसी तरह दूरसंचार समाज और राष्ट्र की प्रगति को गति देता है. उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क ने पूरी दुनिया को “ग्लोबल विलेज” में बदल दिया है. आज दूरसंचार केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी साधन बन चुका है.
सूचना और ज्ञान का सबसे बड़ा माध्यम
स्थानीय व्यवहार न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभात कुमार भगत ने कहा कि आधुनिक दौर में दूरसंचार ज्ञान और सूचना का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है. उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन की स्थापना 17 मई को हुई थी, जिसके उपलक्ष्य में हर साल विश्व दूरसंचार दिवस मनाया जाता है.
उन्होंने कहा कि टेलीविजन और इंटरनेट जैसे माध्यमों ने दुनिया भर की जानकारी लोगों तक बेहद आसान तरीके से पहुंचाई है. आज संचार क्रांति आधुनिक भारत के विकास की रीढ़ बन चुकी है.
रामविलास पासवान की भूमिका का भी हुआ जिक्र
परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने भारत में 1990 के दशक में शुरू हुई संचार क्रांति का भी उल्लेख किया. प्रभात कुमार भगत ने कहा कि इस क्षेत्र के विस्तार में पूर्व केंद्रीय मंत्री Ram Vilas Paswan की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
डिजिटल शिक्षा ने बढ़ाई पहुंच
केकेएम कॉलेज के लाइब्रेरियन रामचरित मानस और शिक्षक मंटू पासवान ने कहा कि इंटरनेट और दूरसंचार आधुनिक समय का सबसे बड़ा ज्ञान स्रोत बन चुके हैं. डिजिटल शिक्षा के माध्यम से अब ज्ञान गांव-गांव तक पहुंच रहा है. वक्ताओं ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के बावजूद टेलीविजन की उपयोगिता आज भी कायम है.
समाज के विकास का मजबूत आधार
कार्यक्रम में मौजूद अन्य प्रबुद्धजनों ने भी दूरसंचार को समाज के सर्वांगीण विकास का मजबूत आधार बताया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल तकनीक और संचार व्यवस्था देश की प्रगति को नई दिशा देने का काम करेगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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