भगवान महावीर के सत्य व अहिंसा के संदेशों से गूंजा क्षत्रियकुंड व लछुआड़, नंगे पांव श्रद्धालुओं ने खींचा सुसज्जित रथ

Updated at : 31 Mar 2026 9:31 PM (IST)
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भगवान महावीर के सत्य व अहिंसा के संदेशों से गूंजा क्षत्रियकुंड व लछुआड़, नंगे पांव श्रद्धालुओं ने खींचा सुसज्जित रथ

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2624वां जन्म कल्याणक उनकी पावन जन्मभूमि क्षत्रियकुंड जन्मस्थान और लछुआड़ में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया.

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सिकंदरा. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2624वां जन्म कल्याणक उनकी पावन जन्मभूमि क्षत्रियकुंड जन्मस्थान और लछुआड़ में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया गया. इस अवसर पर जहां धार्मिक अनुष्ठान हुए, वहीं भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और आत्मसंयम के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया. मुख्य कार्यक्रम सात पहाड़ों के पार स्थित जन्मस्थान में आयोजित हुआ, जहां देशभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जीवित स्वामी प्रतिमा का दर्शन कर पूजा-अर्चना की. श्रद्धालु भावविभोर होकर भगवान महावीर के उपदेशों जियो और जीने दो तथा अहिंसा परमो धर्मः को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते दिखे. सुबह से ही पूरे क्षेत्र में भक्ति की गंगा बहती रही. जन्म कल्याणक के अवसर पर विधि-विधान से अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ. श्रद्धालु भगवान के चरणों की धूल माथे से लगाकर आत्मिक शांति का अनुभव करते रहे. इस दौरान जैन श्वेतांबर सोसायटी के तत्वावधान में भव्य रथ शोभा यात्रा निकाली गयी. सुसज्जित रथ को श्रद्धालुओं ने नंगे पांव खींचते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया. यात्रा के दौरान त्रिशला नंदन वीर की जय, बोलो महावीर की जय के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा. यह शोभायात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश भी देती रही. रथयात्रा के उपरांत जीवित स्वामी प्रतिमा की सकरस्त पूजा एवं प्रशाल पूजा की गई. वहीं लछुआड़ में जैन श्वेतांबर सोसायटी के प्रबंधक उज्ज्वल रत्न के नेतृत्व में भगवान महावीर की स्नात्र पूजा संपन्न हुई. पूजा के बाद मंदिर के गुंबद पर ध्वज परिवर्तन कर धर्म के प्रति समर्पण व्यक्त किया गया. सुबह में निकाली गई प्रभात फेरी में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. इस अवसर पर बच्चों के बीच कॉपी, कलम, पेंसिल एवं लड्डू वितरित कर शिक्षा, संस्कार और सेवा के महत्व को रेखांकित किया गया. महावीर जयंती के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने यह संदेश दिया कि आज के समय में भगवान महावीर के सिद्धांत-अहिंसा, सत्य और संयम ही समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता स्थापित कर सकते हैं. मौके पर समीर दोषी, कोशल बोहरा, निलेश दोषी, हार्दिक सांघवी, उमेश केशरी, बलभद्र शर्मा, रेणु शर्मा, परि केशरी, प्रवीण भालोटीया, हरेराम जी सहित सैकडो लोग उपस्थित थें.

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