50000 घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए कार्यपालक पदाधिकारी, 162000 की थी डील, जमुई में निगरानी विभाग का धमाका

जमुई में 50 हजार घूस लेते कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार गिरफ्तार
Jamui: जमुई के सिकंदरा नगर पंचायत में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभुकों की स्वीकृति के नाम पर घूस मांगने के आरोप के बाद यह कार्रवाई हुई.
Jamui: जमुई जिले के सिकंदरा में मंगलवार को निगरानी विभाग ने कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को 50000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. इस कार्रवाई में स्वच्छता साथी सोनू कुमार को भी हिरासत में लिया गया. घटना के बाद नगर पंचायत कार्यालय और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. जानकारी के अनुसार वार्ड संख्या 3 के पार्षद राजेश कुमार मिश्रा से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 65 लाभुकों को आवास स्वीकृति दिलाने के बदले रिश्वत मांगी जा रही थी. प्रति लाभुक ढाई हजार रुपये की मांग की गई थी. इस हिसाब से कुल 1 लाख 62 हजार 500 रुपये की अवैध रकम तय की गई थी.
जाल बिछाकर पकड़ा
पार्षद ने इस पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की थी. शिकायत की पुष्टि होने के बाद निगरानी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया. तय योजना के अनुसार मंगलवार को पार्षद राजेश कुमार मिश्रा 50 हजार रुपये की पहली किस्त लेकर नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे. ऑफिस पहुंचने पर कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार ने कथित रूप से पार्षद को राशि सीधे स्वच्छता साथी सोनू कुमार को देने का निर्देश दिया. जैसे ही सोनू कुमार ने पैसे लिए और कार्यपालक पदाधिकारी के कक्ष में पहुंचा, पहले से तैयार निगरानी विभाग की टीम ने तत्काल छापेमारी कर दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
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पूछताछ में हो सकता है बड़ा खुलासा
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम दोनों आरोपियों को थाना लेकर गई, जहां उनसे पूछताछ की गई. इसके बाद टीम कार्यपालक पदाधिकारी को साथ लेकर फिर नगर पंचायत कार्यालय पहुंची और वहां दस्तावेजों व अन्य जरूरी कागजात की गहन जांच शुरू की. इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच के आधार पर इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
सिकंदरा क्षेत्र में यह पहली बार नहीं है जब निगरानी विभाग ने इस तरह की कार्रवाई की हो. इससे पहले भी यहां अंचलाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना कार्यालय से जुड़े कर्मी निगरानी विभाग के शिकंजे में आ चुके हैं.
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लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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