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बजट करोड़ों का, सुविधा सिफर

Updated at : 24 Aug 2019 8:04 AM (IST)
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बजट करोड़ों का, सुविधा सिफर

जमुई : जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सालाना बजट करोड़ों रुपया होने के बावजूद भी स्वास्थ्य सेवा की हालत दयनीय है. स्वास्थ्य केंद्र में कर्मी से लेकर उपकरण तक की कमी है. इसकी उदाहरण जिला मुख्यालय स्थित सदर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है. जो सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है. यहां मरीज का […]

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जमुई : जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का सालाना बजट करोड़ों रुपया होने के बावजूद भी स्वास्थ्य सेवा की हालत दयनीय है. स्वास्थ्य केंद्र में कर्मी से लेकर उपकरण तक की कमी है. इसकी उदाहरण जिला मुख्यालय स्थित सदर प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी है. जो सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है. यहां मरीज का इलाज नहीं के बराबर ही होता है. बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बजट का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है.

इस स्वास्थ्य केंद्र पर न तो मरीज का इलाज, न दवा का वितरण, नहीं कोई उपकरण या संसाधन का इस्तेमाल किया जाता है तो आखिर पैसा खर्च कहां हो रहा है. यह सवाल लोगों में पनपने लगा है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक वर्ष प्रति स्वास्थ्य केंद्र को बजट के रूप 58 करोड़ रुपया दिया जा रहा है. लेकिन स्वास्थ्य सेवा के नाम पर कुछ खास नहीं दिखता है. सदर प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने के आए अधिकतर मरीज को रेफर ही किया जाता है.
ओपीडी तथा आईपीडी में दवा की किल्लत: स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने को लेकर जब मरीज आते हैं और उन्हें चिकित्सक द्वारा पर्ची पर दवा लिखा जाता है. लेकिन उक्त दवा वितरण काउंटर पर उपलब्ध नहीं है. मरीजों को ओपीडी सहित आईपीडी अर्थात इमरजेंसी की दवा बाहर से ही खरीदना पड़ता है.
स्वीकृत पद के अनुसार नहीं है चिकित्सक व कर्मी
जिले के 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 32 चिकित्सक का स्वीकृत पद है. लेकिन वर्तमान में 19 चिकित्सक ही कार्यरत हैं. इनमें कुछ ही चिकित्सक विशेषज्ञ हैं. इसके अलावे ए ग्रेड नर्स सहित अन्य कर्मी की भी कमी है.
प्रखंड स्वास्थ्य केंद्र से कई चिकित्सक का प्रति नियोजित सदर अस्पताल में किया गया है. ऐसे में चिकित्सकीय व्यवस्था का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रयोगशाला टेक्नीशियन, स्वास्थ्य निरीक्षक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता का पद भी खाली है.
कहते हैं पदाधिकारी: इस बाबत पूछे जाने पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डा. विजयेंद्र सत्यार्थी बताते हैं कि चिकित्सक सहित अन्य कर्मी की कमी को लेकर विभाग को जानकारी दिया गया है. उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीज का इलाज किया जा रहा है.
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