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पटना में डेड बॉडी सौंपने से पहले अस्पताल मांग रहा था 2 लाख, परिजनों के हंगामे के बाद पहुंची पुलिस

Updated at : 20 Apr 2022 2:48 PM (IST)
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पटना में डेड बॉडी सौंपने से पहले अस्पताल मांग रहा था 2 लाख, परिजनों के हंगामे के बाद पहुंची पुलिस

पटना न्यू बाईपास में स्थित एक निजी हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा हुआ. मरीज के परिजनों का कहना है कि करीब दो लाख रुपये अदा करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन उन्हें शव नहीं सौंप रहा है. इतना ही नहीं मरीजों के परिजनों का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की मौत हुई है.

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फुलवारी शरीफ. पटना के अनीसाबाद न्यू बाईपास में स्थित एक निजी हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा हुआ. मरीज के परिजनों का कहना है कि करीब दो लाख रुपये अदा करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन उन्हें शव नहीं सौंप रहा है. इतना ही नहीं मरीजों के परिजनों का यह भी आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मरीज की मौत हुई है. अस्पताल में हंगामा के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है. मामले की छानबीच चल रही है.

ईलाज के दौरान हुई मौत

घटना के संबंध में बताया जाता है कि 35 वर्षीय मरीज मंटू पासवान का इलाज के दौरान मौत हो गयी. अस्पताल प्रशासन ने मृतक के शव को सौंपने के एवज में परिवार वालों से 2 लाख की डिमांड की. मजदूरी का काम करने वाला मंटू पासवान का परिवार पहले ही अस्पताल में एक लाख से ऊपर पैसा रुपया जमा करा चुका था. मौत के बाद अस्पताल वालों ने 2 लाख का अतिरिक्त मांग कर दी. इसके बाद गांव के सैकड़ों लोग अस्पताल पहुंच गये और अस्पताल को घेरकर जमकर हंगामा करने लगे. वहीं घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची बेउर और गर्दनीबाग थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची. पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बचाव का रास्ता निकालने के बाद अस्पताल प्रशासन ने देर रात मृतक के परिवार वालों को मंटू पासवान का शव सौंप दिया.

पटना एम्स में भर्ती कराए थे मंटृ

घटना के बाद मंटू पासवान को परिवार वाले पटना एम्स में भर्ती कराए थे. परिवार वालों ने बताया कि पटना एम्स से मंटू पासवान को डॉक्टरों ने राजबंशी नगर के हड्डी अस्पताल में रेफर कर दिया था. वहां अस्पताल में अच्छी व्यवस्था नहीं देख कर परिजन दलाल के चक्कर में पड़ गए. दलालों ने मजदूर परिवार के लोगों को अच्छा इलाज कराने का झांसा देकर अनिसाबाद बायपास रोड स्थित इस हॉस्पिटल में लेकर मरीज को भर्ती करा दिया. मरीज के परिजनों का कहना है कि हॉस्पिटल में इसी 9 तारीख को मंटू पासवान को भर्ती कराया गया था. निदान हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कहा था कि 1 लाख 30 हजार में पूरी तरह स्वस्थ कर देंगे. परिवार वालों का कहना है कि इस दौरान इलाज में 1 लाख से अधिक अस्पताल में जमा करा दिया गया उसके बावजूद भी मंटू पासवान की जान नहीं बची.

पुलिस अस्पताल पहुंची

मंगलवार की देर रात मंटू पासवान इलाज के दौरान इस दुनिया से चल बसे. इसके बाद अस्पताल वालों ने मरीज के परिजनों पर 2 लाख खर्च होने का हवाला देकर जमा कराने का दवाब देने लगे. काफी आरजू मिलने के बावजूद भी गरीब परिवार को मंटू पासवान का शव अस्पताल वालों ने देने से इनकार कर दिया. इसके बाद मृतक के जमा परिवार वाले और गांव से आये बड़ी संख्या में महिला और पुरुषों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया. इस बारे में बेउर थानाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम को अस्पताल में भेजा गया है.

पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

वही मंटू पासवान की मौत के बाद उसकी पत्नी रिंकू देवी एक बेटा और एक बेटी समेत परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल होने लगा. अस्पताल के बाहर ही बड़ी संख्या में परिजन और मरीज के गांव के लोग विलाप करने लगे, जिसके माहौल गमगीन हो गया. परिवार वालों ने कहा कि नौबतपुर थाना में इस मामले में दुर्गा पासवान राजेंद्र पासवान शेरू पासवान वीरू पासवान सिद्धनाथ पासवान समेत अन्य को नामजद कराते हुए मामला दर्ज कराया गया है. उसके बावजूद नौबतपुर पुलिस प्रशासन लापरवाह बना हुआ है. परिवार वालों का कहना है कि मंटू पासवान के साथ मारपीट करने वालों ने बुरी तरीके से उसके साथ मारपीट किया था जिसकी आज उस इलाज के दौरान मौत हो गई. उसके बावजूद पुलिस प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रहा है.

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