आंधी में गिरे पेड़ को वन विभाग को सूचना दिये बिना बेचा, तनाव

Published by :Deepak Raj
Published at :11 May 2026 10:50 PM (IST)
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आंधी में गिरे पेड़ को वन विभाग को सूचना दिये बिना बेचा, तनाव

लालगंज थाना क्षेत्र के रिखर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित सती स्थान के पास तुफान में गिरे विशाल पेड़ को ग्रामीणों ने बिना वन विभाग और सीओ को सूचना दिये बेच दिया.

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लालगंज.

लालगंज थाना क्षेत्र के रिखर पंचायत के वार्ड संख्या 12 स्थित सती स्थान के पास तुफान में गिरे विशाल पेड़ को ग्रामीणों ने बिना वन विभाग और सीओ को सूचना दिये बेच दिया. पेड़ बेचे जाने को लेकर गांव के दो पक्ष आमने-सामने हो गये. इस मामले में एक पक्ष के लोगों ने वन विभाग और लालगंज सीओ को लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज करायी है. अधिकारी स्तर पर मामले की जांच की जा रही है. जानकारी के अनुसार बीते दिनाें जिले में आई तेज आंधी के कारण पीपल का एक विशाल पेड़ गिर गया था. पेड़ गिरने से एक मवेशी की दबकर मौत हो गयी थी. पेड़ बिहार सरकार भूमि में था. इसके बाद भी स्थानीय ग्रामीणों ने इसकी जानकारी स्थानीय सीओ और वन विभाग को नहीं दी और पेड़ को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया. एक विशेष पक्ष द्वारा पेड़ बेचे जाने पर कुछ ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि सरकारी भूमि होने के कारण पेड़ को कटवाने से पहले अंचल अधिकारी और वन विभाग के पदाधिकारी को इसकी जानकारी देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नही किया गया. चोरी चुपके पेड़ काटकर बेच दिया गया. जिससे सरकारी राजस्व की चोरी की गई है. -पंचायत में फैसला के बाद काटा गया पेड़: ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ गिरने के बाद व्यापारी को बुलाकर बेचने की प्रक्रिया की जा रही थी तब पंचायत स्तरीय बैठक भी की गयी थी. मुखिया और पंचायत के वार्ड सदस्य रमेश कुमार और दूसरे पक्ष के चुलबुल सिंह में सहमति नही बैठ पायी. चुलबुल सिंह का कहना था कि पेड़ से दबकर मंजू देवी पति नंदकिशोर दास की भैंस की मौत हो गयी थी. पेड़ की राशि से पचास हजार रुपया भैंस वाले को दे दिया जाये. लेकिन वार्ड सदस्य के पक्ष का कहना था कि बेचे गये पेड़ के पैसे से उसी जगह पर चबूतरा का निर्माण करेंगे. दो पक्षों के बीच का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. वार्ड सदस्य रमेश कुमार ने बताया कि सामाजिक स्तर से इस पेड़ को काटकर एक लाख इक्यावन हजार में बेचा गया है. राशि में से 40 हजार रुपये भैंस मालिक को दिया गया है. शेष राशि सुरक्षित रखा गया है। शेष राशि से उक्त स्थल पर चबूतरा का निर्माण कराया जाएगा. सहमति नहीं बनने पर दूसरे पक्ष ने दिया आवेदन: इस मामले में दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने पर चुलबुल सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, राम नरेश दास, रमेश सिंह, उदित पंडित, संजय कुमार, ब्रजकिशोर सिंह और दिव्यांशु कुमार ने लालगंज सीओ और वन विभाग को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की है. इस संबंध में वन विभाग के रेंजर सुनील कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नही थी,अब जानकारी मिली है. जांच कर आगे की करवाई की जाएगी. वहीं सीओ स्मृति साहनी ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है.

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