मुहर्रम को लेकर तैयारियां तेज, जढूआ कर्बला में जुटेंगे 60 अखाड़े; शांति समिति की बैठक में बड़ा फैसला

Edited by Vivek Pandey
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Muharram Hajipur: हाजीपुर के ऐतिहासिक जढूआ कर्बला में मोहर्रम की तैयारियां तेज. आशूरा पर 60 अखाड़े पहुंचेंगे, ताजिया जुलूस निकलेगा और दो दिनों तक विशाल मेले का आयोजन होगा. प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं.

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हाजीपुर से कैफ अहमद की रिपोर्ट
Muharram Hajipur: इस्लाम धर्म में मोहर्रम का महीना त्याग, बलिदान, सब्र और इंसानियत का प्रतीक माना जाता है. मोहर्रम की 10वीं तारीख यानी आशूरा के अवसर पर हाजीपुर का ऐतिहासिक जढूआ कर्बला एक बार फिर धार्मिक आस्था और परंपरा का केंद्र बनेगा. इस अवसर पर जिले के विभिन्न हिस्सों से करीब 55 से 60 अखाड़े जढूआ कर्बला मैदान पहुंचेंगे.

शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचेंगे अखाड़े

जानकारी के अनुसार, शहर के करीब 25 से 30 अखाड़े तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग 25 अखाड़े ताजिया और पारंपरिक करतबों के साथ जुलूस निकालते हुए कर्बला मैदान पहुंचेंगे. कई अखाड़े 15 से 20 किलोमीटर दूर के गांवों से भी शामिल होंगे.

दो दिनों तक लगेगा विशाल मेला

मोहर्रम के अवसर पर जढूआ कर्बला परिसर में दो दिनों तक विशाल मेले का आयोजन होगा. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचेंगे. ताजिया जुलूस, पारंपरिक अखाड़ों के खेल और धार्मिक अनुष्ठान इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे.

ताजिया निर्माण अंतिम चरण में, शांति समिति की बैठकें जारी

मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए विभिन्न मोहल्लों में शांति समिति की बैठकें शुरू हो गई हैं. ताजिया निर्माण का कार्य भी अंतिम चरण में है. अखाड़ा समितियों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए डीजे का प्रयोग नहीं करने तथा पारंपरिक और अनुशासित तरीके से जुलूस निकालने का निर्णय लिया है.

आशूरा पर होगा जंजीरी मातम

मोहर्रम की 10वीं तारीख की सुबह बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग जढूआ कर्बला पहुंचेंगे. इस दौरान इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में पारंपरिक रूप से जंजीरी मातम किया जाएगा और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क

जिला प्रशासन ने मोहर्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं. जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके.

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लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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