NEET री-एग्जाम में छात्रों की कम मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता, पहली परीक्षा से 229 ज्यादा छात्र रहे अनुपस्थित

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नीट परीक्षा देकर निकलते परीक्षार्थी

NEET Re Exam 2026 : नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा-2026 हाजीपुर के 11 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न हो गई. हालांकि इस बार परीक्षा के आंकड़ों ने एक चौंकाने वाली तस्वीर भी सामने रखी. पहली परीक्षा की तुलना में री-नीट में 229 अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे.

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NEET Re Exam 2026 : (कैफ अहमद) नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा-2026 हाजीपुर के 11 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न हो गई. हालांकि इस बार परीक्षा के आंकड़ों ने एक चौंकाने वाली तस्वीर भी सामने रखी. पहली परीक्षा की तुलना में री-नीट में 229 अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. माना जा रहा है कि पेपर लीक विवाद, दोबारा परीक्षा की मजबूरी और मानसिक दबाव के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी.

11 केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रविवार को आयोजित पुनर्परीक्षा में सभी केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी, जोनल एवं सुपर जोनल दंडाधिकारी, ऑब्जर्वर, सीआरपी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षा बल तैनात रहे. सीसीटीवी कैमरों, जैमर, बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग और लाइव मॉनिटरिंग के जरिए परीक्षा प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी गई. समाहरणालय स्थित नियंत्रण कक्ष से भी परीक्षा की निगरानी की गई.

पहली परीक्षा के मुकाबले दोगुनी हुई अनुपस्थिति

आंकड़ों के अनुसार 3 मई 2026 को हुई पहली नीट परीक्षा में 3,456 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 120 छात्र अनुपस्थित रहे थे, जबकि 3,336 ने परीक्षा दी थी.

वहीं 21 जून 2026 को आयोजित री-नीट में 4,145 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 349 छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए. यानी अनुपस्थित छात्रों की संख्या में 229 की वृद्धि दर्ज की गई. पहली परीक्षा में अनुपस्थिति दर 3.47 प्रतिशत थी, जो पुनर्परीक्षा में बढ़कर 8.42 प्रतिशत हो गई.

Hajipur News : पेपर लीक और मानसिक दबाव को माना जा रहा कारण

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर लीक के बाद दोबारा परीक्षा की घोषणा, लंबे इंतजार और लगातार बने मानसिक दबाव के कारण कई अभ्यर्थी पुनर्परीक्षा में शामिल नहीं हो सके. कई छात्रों को दूसरी बार तैयारी करने और परीक्षा देने की चुनौती का सामना करना पड़ा.

छात्रों ने कहा- सवाल कठिन थे, लेकिन अतिरिक्त समय मिला सहारा

परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले अधिकांश परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र पहले की तुलना में थोड़ा कठिन था. हालांकि 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलने से उन्हें सभी प्रश्नों को आराम से हल करने का मौका मिला.

कई छात्र-छात्राओं ने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने के कारण बिना जल्दबाजी के पूरे प्रश्नपत्र को हल कर सके और उन्हें अच्छे परिणाम की उम्मीद है.

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विवेक सिंह

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By विवेक सिंह

विवेक सिंह की डिजिटल मीडिया और जनसरोकारों से जुड़े विषयों में विशेष रुचि रही है. वे बिहार के मिथिला क्षेत्र के निवासी हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 वर्षों से सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं.

उन्होंने मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई की है. शिक्षा के दौरान उन्होंने रिपोर्टिंग, समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, जनसंचार, फोटो जर्नलिज्म, मोबाइल जर्नलिज्म (MOJO) और मीडिया रिसर्च की गहन समझ विकसित की है. अध्ययन के दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की, जहां उन्हें न्यूजरूम की कार्यप्रणाली, टीवी समाचार निर्माण, स्क्रिप्ट लेखन, विजुअल चयन, फील्ड रिपोर्टिग और प्रसारण प्रक्रिया को नजदीक से समझने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ.

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