राष्ट्रीय शक्ति के आधार हैं योग और समुद्री सामर्थ्य, कोलकाता में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Edited by Mithilesh Jha
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योग दिवस के कार्यक्रम में पीएम मोदी (बायें) और पोर्ट ट्रस्ट ऑफ इंडिया के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री (दायें). फोटो : पीटीआई

PM Modi Kolkata Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के रेड रोड पर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को वैश्विक शांति का आधार बताया. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर नौसेना को 3 स्वदेशी युद्धपोत सौंपकर समुद्री सामर्थ्य का संदेश दिया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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PM Modi Kolkata Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महानगर में आयोजित 2 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से भारत के भविष्य की अपनी व्यापक दृष्टि प्रस्तुत की. एक ओर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और वैश्विक शांति का आधार बताया. दूसरी ओर श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना में शामिल किये गये तीन स्वदेश निर्मित युद्धपोतों के जरिये आत्मनिर्भरता और समुद्री सामर्थ्य का संदेश दिया.

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को किया संबोधित

रेड रोड पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत अनुशासन व राष्ट्रीय क्षमता मिलकर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और विकसित भारत का निर्माण करते हैं. उन्होंने कहा कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि विश्व शांति का मार्ग भी है.

  • पीएम ने रेड रोड पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में दिया स्वास्थ्य, संतुलन व वैश्विक शांति का संदेश
  • स्वदेश निर्मित 3 पोत को नौसेना में किया शामिल, आत्मनिर्भर भारत और समुद्री सुरक्षा पर दिया जोर

70 की उम्र में भी 50 जैसी ऊर्जा देता है योग

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ है. प्रधानमंत्री ने कहा कि योग के माध्यम से 40 वर्ष की उम्र में 20 जैसा लचीलापन, 50 वर्ष में 30 जैसी ऊर्जा और 70 वर्ष की उम्र में 50 जैसी सक्रियता व स्वास्थ्य बनाये रखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि यह संदेश केवल बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए है.

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योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला

प्रधानमंत्री ने कहा कि योग किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है. मानवीय चेतना की अभिव्यक्ति है. श्रीमद्भागवत गीता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि काम, खानपान और नींद में संतुलन ही दुखों से मुक्ति की कुंजी है. योग व्यक्ति को संतुलित जीवन जीना सिखाता है और मानसिक स्वास्थ्य के साथ आत्मबोध का मार्ग प्रशस्त करता है.

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वैश्विक शांति का माध्यम बन सकता है योग

दुनिया में जारी संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मन को शांति देकर वैश्विक सद्भाव और शांति की राह भी खोलता है. उन्होंने कहा कि योग हमारे व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए भी आवश्यक है.

योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान

प्रधानमंत्री ने लोगों से योग को केवल एक दिन या आयोजन तक सीमित न रखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि योग आज राष्ट्रीय और सांस्कृतिक सीमाओं से परे एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है. 21 जून अब दुनिया के सबसे बड़े सामुदायिक उत्सवों में से एक का प्रतीक बन गया है.

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टैगोर व अरविंद के विचारों का किया उल्लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर और महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जुड़ाव ही योग का मूल तत्व है. योग व्यक्ति को स्वयं, समाज व विश्व से जोड़ता है और मानव एकता का आधार बनता है.

PM Modi Kolkata Visit: नौसेना को मिले 3 स्वदेशी युद्धपोत

बाद में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी में भारतीय नौसेना में 3 स्वदेश निर्मित पोत- आइएनएस अग्रय, आइएनएस दूनागिरि और आइएनएस संशोधक शामिल किये गये. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और मजबूत समुद्री शक्ति विकसित भारत की सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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