ePaper

hajipur news. झमाझम बारिश ने बढ़ाई गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता, हजारों एकड़ में लगी फसल हुई बर्बाद

Updated at : 10 Apr 2025 7:54 PM (IST)
विज्ञापन
hajipur news. झमाझम बारिश ने बढ़ाई गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता, हजारों एकड़ में लगी फसल हुई बर्बाद

झमाझम बारिश से लोगों को मिली भीषण गर्मी से राहत, आम-लीची, गरमा मक्का, दलहन फसल के लिए बारिश फायदेमंद

विज्ञापन

हाजीपुर.

भीषण गर्मी के बाद गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली और दोपहर बाद तेज हवा व गरज के साथ झमाझम बारिश हुई. जहां एक ओर आम लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली, वहीं गेहूं उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ गयी है. जिले के पातेपुर, महुआ, जंदाहा, भगवानपुर, लालगंज सहित कई प्रखंडों में तेज बारिश से उन किसानों को भारी नुकसान हुआ है जिन्होंने गेहूं की कटनी कर खेत में फसल फैला रखी थी. बारिश में कटी हुई गेहूं की फसल भींग गयी है, जिससे फसल बर्बाद होने की आशंका है. जिन किसानों ने अभी कटनी नहीं की है, उन्हें तुलनात्मक रूप से कम नुकसान होने की उम्मीद है.

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक जिले में सिर्फ 41 प्रतिशत गेहूं की कटनी हुई है. खासकर चंवर इलाकों में अभी कटनी प्रारंभ ही हुई है. तेज हवा और बारिश के कारण हजारों एकड़ में लगी गेहूं की फसल गिर गयी है. किसान अमरनाथ झा, सुरेंद्र सिंह और बैजू महतो ने बताया कि अप्रैल महीने में हुई यह बारिश गेहूं को छोड़कर बाकी सभी फसलों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है. किसानों ने बताया कि बारिश से आम के टिकोले को काफी लाभ मिला है. टिकोले की डंडी पर लगने वाले फंगस भी धुल गये हैं, जिससे उत्पादकों को दवा छिड़काव में राहत मिलेगी. इसके अलावा लीची, मूंग, उड़द और अरहर जैसी दलहन फसलों को भी इस बारिश और पुरवैया हवा से फायदा होगा. गरमा मक्का और सब्जी उत्पादकों के लिए भी बारिश फायदेमंद साबित हुई है. पिछले दिनों तापमान बढ़ने और जमीन में नमी की कमी के कारण सब्जियों के फलन में भारी गिरावट आयी थी. अब बारिश से जमीन में नमी लौटने के कारण उत्पादन बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है.

फसलों को सुखाने में आयेगी परेशानी

सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हुई है, जिनकी फसल काटने के बाद खेत में बंधी पड़ी थी. उन्होंने बताया कि बिना बांधी फसल को तो संभालना आसान है, लेकिन बंधी हुई फसल को सुखाने में अब काफी मुश्किलें आएंगी. लगातार हो रही नमी और गीले मौसम के कारण फसल के सड़ने और अंकुरित होने का भी खतरा है. किसानों की मांग है कि प्रशासन इस प्राकृतिक नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द राहत उपाय सुनिश्चित करे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
GOPAL KUMAR ROY

लेखक के बारे में

By GOPAL KUMAR ROY

GOPAL KUMAR ROY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन