बस रिलीज कराने के नाम पर मांगे थे 10 हजार, महिला सब इंस्पेक्टर को 3 साल की सजा और जुर्माना भी

Edited by Vivek Pandey
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Hajipur Bribery Case: हाजीपुर नगर थाना की तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को रिश्वतखोरी के मामले में विशेष निगरानी अदालत ने 3 साल की कठोर कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.

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हाजीपुर से अभिषेक शाश्वत की रिपोर्ट
Hajipur Bribery Case: हाजीपुर नगर थाना में तैनात रहीं तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी को भ्रष्टाचार के मामले में विशेष निगरानी अदालत ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त तीन महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा.

14 नवंबर 2024 को हुई थी कार्रवाई

यह मामला 14 नवंबर 2024 का है. आरोप है कि तत्कालीन महिला सब इंस्पेक्टर पूनम कुमारी ने नितेश बस सर्विस के प्रबंधक पंकज कुमार द्विवेदी से बस संख्या BR-31P 5778 को डीटीओ कार्यालय से रिलीज कराने के लिए आवश्यक पत्राचार के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी.

शिकायत के बाद निगरानी टीम ने बिछाया जाल

शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने जाल बिछाया. कार्रवाई के दौरान हाजीपुर स्थित उनके निजी आवास से उन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद उनके खिलाफ एसवीयू थाना कांड संख्या 06/2024 दर्ज किया गया.

पुरानी तस्वीर

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विशेष अदालत ने सुनाई सजा

मामले की सुनवाई पटना स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) अतुल कुमार सिंह की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने पूनम कुमारी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. अदालत ने आदेश में कहा कि जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त तीन महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा.

सांकेतिक तस्वीर

पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना मामला

गिरफ्तारी के बाद से ही पूनम कुमारी न्यायिक हिरासत में थीं. भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी इकाई की इस कार्रवाई और अदालत के सख्त फैसले के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है. विभाग में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है.

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Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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