गेहूं की फसल से लहलहा रहे खेत, सताने लगी कटनी की चिंता

Published by :Pritish Sahay
Published at :04 Apr 2020 6:14 AM (IST)
विज्ञापन
गेहूं की फसल से लहलहा रहे खेत, सताने लगी कटनी की चिंता

गोपालगंज : जिले में किसानों की मुश्किलें थमती नहीं दिख रहीं. एक ओर बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की मार ने किसानों को नुकसान पहुंचाया तो दूसरी कोरोना वायरस को लेकर चल रहे लॉकडाउन किसानों को चिंतित कर दिया है. खेतों में गेहूं की फसल लहलहा रहे हैं. जिले के पश्चिम क्षेत्रों में एक सप्ताह […]

विज्ञापन

गोपालगंज : जिले में किसानों की मुश्किलें थमती नहीं दिख रहीं. एक ओर बेमौसमी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी की मार ने किसानों को नुकसान पहुंचाया तो दूसरी कोरोना वायरस को लेकर चल रहे लॉकडाउन किसानों को चिंतित कर दिया है. खेतों में गेहूं की फसल लहलहा रहे हैं. जिले के पश्चिम क्षेत्रों में एक सप्ताह बाद गेहूं जहां काटने के लायक हो जायेगा, वहीं पूर्वी भाग के गेहूं भी 12 अप्रैल के बाद काटने लायक हो जायेंगे. लॉकडाउन में भी सरकार द्वारा खेती करने के लिये छूट मिली हुई है, लेकिन किसानों की चिंता मजदूरों को लेकर है. कोरोना वायरस के भय के बीच क्या मजदूर कटनी करने जायेंगे. नियमानुसार खेतों में डिस्टेंस बनाये रखने के लिये मजदूर कम लगाने होंगे. ऐसे में इस बार गेहूं की कटनी में ज्यादा समय लगेगा.

इधर किसानों को मौसम पर भी भरोसा नहीं है. ऐसे में किसान अपनी मेहनत की कमायी गेहूं को सही सलामत खेत से घर पहुंचने को लेकर चिंतित हैं. इधर किसान राजेश सिंह, मिथिलेश राय, तेजप्रताप सिंह ने कहा कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद तो परेशानी नहीं होगी, लेकिन इसके पहले जो गेहूं काटने के लायक हो जायेगा उसे तो कटवाने में परेशानी है. सबसे बड़ी बात है कि यूपी और पंजाब, हरियाणा से भी चालक अपना हार्वेस्टर लेकर आते थे, लेकिन इस बार न तो वे आयेंगे और न जिले के मशीन वाले को चालक मिलेगी. ऐसे में परेशानी तो है और इसको लेकर सभी किसान चिंतित हैं.मजदूर ही करते हैं अधिकांश कटनीइस बार जिले के किसान 87 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती किये हैं.

एक तो छोटे-छोटे प्लॉट होने के कारण मशीन से कटनी जहां संभव नहीं है, वहीं जिले में कंबाइन हार्वेस्टर की संख्या भी कम है. सदर अनुमंडल में तो एक भी कंबाइन हार्वेस्टर नहीं है. ऐसे में 65 फीसदी गेहूं की कटनी मजदूर ही करते हैं. इसके अलावा कोई भी किसान अगले सीजन में काम कराने के लिये अपने मजदूर को कटनी में छोड़ना नहीं चाहता है. ऐसे में कटनी को लेकर किसानों का चिंतित होना लाजिमी है.कंबाइन का चालक बुलाना इस बार कठिनजिले में लगभग छह कंबाइन मशीन है जिसे पंजाब और हरियाणा के चालक आकर चलाते हैं. मशीन मालिक चालक तो तय कर रखे हैं लेकिन नियम की बंदिशों में उनका आना कठिन हो गया है. इस बार पंजाब व हरियाणा से कंबाइन चालक को बुलाने के लिये आवेदन के साथ प्रशासन को पूरी जानकारी देनी है.

चालक को बुलाने के लिये प्रयुक्त वाहन के कागजात, वाहन लेकर जाने वाले चालक के कागजात, सहयोगी का आधर कार्ड, कंबाइन हार्वेस्टर का कागजात और उसके मालिक का आधार कार्ड तथा बुलाने वाले चालक का हेल्थ सर्टिफिकेट भी देना है जो कठिन है. परमिशन मिल भी गया तो भी इस बार पंजाब से कई सीमा को पार कर चालकों का आना कठिन है. हालांकि प्रशासन की ओर से दोनों अनुमंडल में चालक लाने के लिये परमिशन देने की सुविधा दी गयी है. एक नजर गेहूं की खेती परकुल गेहूं बोआई का लक्ष्य- 97 हजार हेक्टेयरगेहूं की हुई खेती- 87.2 हजार हेक्टेयरकुल हार्वेस्टर कंबाइन की संख्या- 06चालक लाने के लिये अब तक परमिशन पास- 01परमिशन के लिये आवेदन- 00मजदूरों द्वारा की जाने वाली कटनी- 65 फीसदी क्या कहता है कृषि विभागकटनी में कोई परेशानी नहीं होगी. जिला के पश्चिमी भाग में गेहूं 14 अप्रैल के बाद ही काटने लायक होंगे, वहीं पूर्वी क्षेत्र में 20 अप्रैल के बाद ही कटनी होगी. ऐसे में परेशानी नहीं होनी चाहिये. कंबाइन चालक के लिये अनुमंडलाधिकारी से परमिशन मिल रहा है. किसान आवेदन करें.वेदनारायण सिंह, डीएओ, गोपालगंज

ऐसे में कटनी को लेकर किसानों का चिंतित होना लाजिमी है.कंबाइन का चालक बुलाना इस बार कठिनजिले में लगभग छह कंबाइन मशीन है जिसे पंजाब और हरियाणा के चालक आकर चलाते हैं. मशीन मालिक चालक तो तय कर रखे हैं लेकिन नियम की बंदिशों में उनका आना कठिन हो गया है. इस बार पंजाब व हरियाणा से कंबाइन चालक को बुलाने के लिये आवेदन के साथ प्रशासन को पूरी जानकारी देनी है. चालक को बुलाने के लिये प्रयुक्त वाहन के कागजात, वाहन लेकर जाने वाले चालक के कागजात, सहयोगी का आधर कार्ड, कंबाइन हार्वेस्टर का कागजात और उसके मालिक का आधार कार्ड तथा बुलाने वाले चालक का हेल्थ सर्टिफिकेट भी देना है जो कठिन है. परमिशन मिल भी गया तो भी इस बार पंजाब से कई सीमा को पार कर चालकों का आना कठिन है.

हालांकि प्रशासन की ओर से दोनों अनुमंडल में चालक लाने के लिये परमिशन देने की सुविधा दी गयी है. एक नजर गेहूं की खेती परकुल गेहूं बोआई का लक्ष्य- 97 हजार हेक्टेयरगेहूं की हुई खेती- 87.2 हजार हेक्टेयरकुल हार्वेस्टर कंबाइन की संख्या- 06चालक लाने के लिये अब तक परमिशन पास- 01परमिशन के लिये आवेदन- 00मजदूरों द्वारा की जाने वाली कटनी- 65 फीसदी क्या कहता है कृषि विभागकटनी में कोई परेशानी नहीं होगी. जिला के पश्चिमी भाग में गेहूं 14 अप्रैल के बाद ही काटने लायक होंगे, वहीं पूर्वी क्षेत्र में 20 अप्रैल के बाद ही कटनी होगी. ऐसे में परेशानी नहीं होनी चाहिये. कंबाइन चालक के लिये अनुमंडलाधिकारी से परमिशन मिल रहा है. किसान आवेदन करें.

वेदनारायण सिंह, डीएओ, गोपालगंज

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन