गोपालगंज : कृषि अतिक्रमण मुक्त हुई सबेया एयरफील्ड की 259.27 एकड़ रक्षा भूमि, जिला प्रशासन को मिली बड़ी सफलता

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रक्षा मंत्रालय के अधिकारी से जानकारी लेते डीएम.

गोपालगंज जिला प्रशासन ने सबेया परित्यक्त एयरफील्ड की 259.27 एकड़ रक्षा भूमि से कृषि अतिक्रमण हटाने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के फेज-III सर्वे प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रक्षा भूमि का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

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जिले में सरकारी एवं रक्षा संपदा की भूमि को अतिक्रमणमुक्त एवं सुरक्षित रखने की दिशा में बिहार सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, गोपालगंज को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है. डीएम समीर सौरभ के प्रभावी प्रशासनिक समन्वय के फलस्वरूप हथुआ स्थित सबेया परित्यक्त एयरफील्ड की 259.274936 एकड़ रक्षा भूमि से कृषि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी कर ली गयी है. यह कार्रवाई भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय के फेज-III सर्वे प्रोजेक्ट के तहत रक्षा भूमि के संरक्षण एवं उसके वास्तविक भौतिक स्वरूप को सुनिश्चित करने की दिशा में की गयी. कार्रवाई के बाद अतिक्रमणमुक्त भूमि का भौतिक कब्जा विधिवत रक्षा प्राधिकार को सौंप दिया गया है.

अभियान की सफलता के लिए बनायी गयी टीम

डीएम समीर सौरभ की ओर से सबेया एयरफील्ड क्षेत्र में रक्षा भूमि के संयुक्त सर्वेक्षण, सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों की संयुक्त टीम गठित की गयी. टीम में रक्षा संपदा अधिकारी, दानापुर छावनी, अंचल कार्यालय हथुआ, अंचल कार्यालय उचकागांव, अनुमंडल पदाधिकारी हथुआ तथा भूमि सुधार उप समाहर्ता, हथुआ शामिल थे. संयुक्त टीम द्वारा सबेया, हथुआ में कुल 473.295 एकड़ रक्षा भूमि का सर्वेक्षण एवं सीमांकन कार्य किया गया. सर्वेक्षण के दौरान रक्षा भूमि पर मौजूद कुल 19.338717 एकड़ अतिक्रमण का विवरण भी दर्ज किया गया है. इसके बाद रक्षा भूमि के बड़े भू-भाग पर किए गए कृषि संबंधी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई.

35 दिनों तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान

रक्षा भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने का अभियान 15 जुलाई से 18 अगस्त 2026 तक चला। इस दौरान कुल 259.274936 एकड़ रक्षा भूमि से कृषि अतिक्रमण हटाया गया तथा अतिक्रमणमुक्त भूमि का भौतिक कब्जा विधिवत रक्षा प्राधिकार को सौंप दिया गया. इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन एवं रक्षा प्राधिकार के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से स्थल का निरीक्षण एवं सत्यापन किया गया. इससे रक्षा भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से चिन्हित होने के साथ-साथ उसके संरक्षण की दिशा में ठोस आधार तैयार हुआ है.

सीमा-स्तंभ स्थापित होने से सुरक्षित रहेगी रक्षा भूमि

अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ रक्षा भूमि की भविष्य में स्पष्ट पहचान एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) द्वारा भूमि की सीमा पर Boundary Pillars (सीमा-स्तंभ) भी स्थापित किए गए हैं। इससे रक्षा भूमि की सीमाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित हो गई हैं और भविष्य में किसी भी प्रकार के संभावित अतिक्रमण पर प्रशासन को प्रभावी नियंत्रण में सहायता मिलेगी.

जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से मिली सफलता

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में जिला प्रशासन, गोपालगंज द्वारा रक्षा प्राधिकार को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग, समन्वय एवं मौके पर जरूरी सहायता उपलब्ध कराई गई. विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी आपसी समन्वय के कारण सर्वेक्षण, सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया निर्धारित अवधि में सफलतापूर्वक पूरी की जा सकी. उल्लेखनीय है कि डीएम समीर सौरभ की पहल पर जिला प्रशासन द्वारा सरकारी एवं सार्वजनिक महत्व की भूमि के संरक्षण, अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है.


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संजय कुमार अभय

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By संजय कुमार अभय

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