Gopalganj News : 74 हजार लक्ष्य के बदले 52 हजार टन हुई धान की खरीदारी

गोपालगंज जिले में धान खरीद का समय शनिवार को समाप्त हो गया. पांच बजते ही सहकारिता विभाग ने धान खरीद को क्लोज कर दिया. जिले में महज महज 6737 किसानों से 74 हजार एमटी लक्ष्य के बदले 52 हजार एमटी धान की खरीदारी की गयी.
गोपालगंज. धान खरीद का समय शनिवार को समाप्त हो गया. पांच बजते ही सहकारिता विभाग ने धान खरीद को क्लोज कर दिया. गोपालगंज जिले में महज महज 6737 किसानों से 74 हजार एमटी लक्ष्य के बदले 52 हजार एमटी धान की खरीदारी की गयी. इस आंकड़े में थोड़ा अंतर भी हो सकता है, लेकिन अब इससे अधिक नहीं हो सकता. जिले में दो सौ पैक्स व 13 व्यापारमंडलों को क्रय केंद्र बनाया गया था. विभाग को इस साल जिले में 2.53 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होने का दावा कृषि विभाग ने किया था. धान की सामान्य श्रेणी के लिए 2,300 रुपये और ग्रेड-ए के लिए 2,320 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय होने के बाद भी पूरी ताकत लगाने के बाद भी लक्ष्य को नहीं पूरा किया. डीएम प्रशांत कुमार सीएच लगातार कोशिश करते रहे. हर सप्ताह समीक्षा बैठक करते रहे इसके बाद भी लक्ष्य को पूरा नहीं हो पाया.
लक्ष्य पूरा नहीं होने के सच को भी जानें
सच पूछिए तो किसानों की तकदीर 15 दिसंबर तक लक्ष्य में उलझ कर रह गयी. उसके बाद डीएम की पहल पर धान खरीद की रफ्तार पकड़ी तब तक किसानों के सामने रबी की बोआई करने की चुनौती थी. किसानों को धान बेचने के लिए चक्कर काटना पड़ता रहा. ऐसे में बिचौलिया गांव में घूम कर किसानों के धान को 18 सौ रुपये क्विंटल धान को बेच कर गेहूं की बोआई कर दिये. किसान भी अपनी गाढ़ी कमाई को बिचौलियों के हाथों बेच कर रबी की बोआई कर दिये.धान खरीद की प्रकिया को भी समझें
किसानों से धान खरीद के प्रक्रिया को भी समझ लीजिए. किसान को धान बेचने के लिए सरकार के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना है. रजिस्टर्ड किसान से धान को क्रय केंद्र खरीदेंगे. धान को क्रय केंद्र राइस मिल को देंगे. राइस मिल चावल को तैयार कर एसएफसी को उपलब्ध करायेगा. एसएफसी सीधे क्रय केंद्रों को चावल का पैसा उपलब्ध करायेगा.क्रय केंद्रों के स्टाॅक की होगी सघन जांच
डीसीओ धान खरीद क्लोज होने के बाद क्रय केंद्रों से मिले डाटा का वेरिफिकेशन किया जायेगा. एक-एक केंद्र की जांच होगी. डीसीओ गेन्धारी पासवान ने बताया कि आंकड़ों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ा एक्शन लेने का आदेश डीएम ने दिया है. पिछले वर्ष पांच पैक्सों ने गलत आंकड़ा दिया. चावल अंतिम तक नहीं जमा करने के कारण प्राथमिकी दर्ज करानी पड़ी थी. इस बार ऐसा ना हो इसके लिए एक-एक क्रय केंद्रों के स्टॉक की जांच की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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