gopalganj news : गोपालगंज/फुलवरिया. मकर संक्रांति के आगमन से पहले जिले के शहरी और ग्रामीण बाजारों में रौनक लौट आयी है. शहर के मौनिया चौक सहित अन्य प्रमुख चौक-चौराहों और फुलवरिया प्रखंड के बथुआ बाजार समेत आसपास के ग्रामीण हाट-बाजार इन दिनों तिलकुट और गुड़ की खुशबू से सराबोर हैं.
पर्व को लेकर दुकानदारों ने अपनी-अपनी दुकानें सजा ली हैं, वहीं ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ भी देखने को मिल रही है. शनिवार को बाजारों में खासा उत्साह नजर आया. सुबह से ही ग्रामीण इलाकों से लोग बाजार पहुंचकर मकर संक्रांति से जुड़ी सामग्री की खरीदारी करते दिखे. तिलकुट, लाई, गुड़, तिल, चूड़ा, उड़द दाल और दही की मांग बढ़ने से बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है. मकर संक्रांति पर चूड़ा-दही और तिल से बने व्यंजनों का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है, इसी कारण लोग महंगाई के बावजूद अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं.240 से लेकर 600 रुपये प्रति किलो बिक रहा तिलकुट
हालांकि इस वर्ष महंगाई की मार भी साफ नजर आ रही है. पिछले साल की तुलना में लगभग सभी वस्तुओं के दाम बढ़े हैं. बाजार में तिलकुट 240 रुपये से लेकर 600 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. इसके बावजूद लोगों की आस्था और परंपरा पर महंगाई का खास असर नहीं दिख रहा. ग्राहक अपने बजट और पसंद के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं. पर्व के मद्देनजर बथुआ बाजार सहित अन्य चौक-चौराहों पर तिलकुट और अन्य सामग्रियों की अस्थायी दुकानें भी सज गयी हैं, जहां सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है. इससे स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी खुशी साफ झलक रही है. व्यापारियों का मानना है कि ऐसे त्योहारों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है. इधर, भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती भी की जा रही है, ताकि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में खरीदारी कर सकें. कुल मिलाकर मकर संक्रांति को लेकर फुलवरिया और गोपालगंज क्षेत्र के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

