Gopalganj News : कालाजार उन्मूलन को लेकर 122 गांवों में दवा का छिड़काव शुरू, आशा घर-घर जाकर छिड़काव से पूर्व देंगी सूचना

Updated at : 24 Feb 2025 10:21 PM (IST)
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Gopalganj News  : कालाजार उन्मूलन को लेकर 122 गांवों में दवा का छिड़काव शुरू, आशा घर-घर जाकर छिड़काव से पूर्व देंगी सूचना

Gopalganj News : कालाजार की रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव शुरू कर दिया गया है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुषमा शरण ने बताया कि जिले के 14 पीएचसी के 122 गांवों में सिंथेटिक पाराथाइराइड का छिड़काव किया जायेगा.

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गोपालगंज. कालाजार की रोकथाम के लिए कीटनाशक का छिड़काव शुरू कर दिया गया है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुषमा शरण ने बताया कि जिले के 14 पीएचसी के 122 गांवों में सिंथेटिक पाराथाइराइड का छिड़काव किया जायेगा. इसके लिए 25 स्क्वायड गठित किये गये हैं. उन्होंने बताया कि 372368 जनसंख्या के 67677 घरों को लक्षित किया गया है.

60 दिनों तक प्रथम चरण का होगा छिड़काव

अभियान 18 फरवरी से शुरू होकर 19 अप्रैल अगले 60 दिनों तक प्रथम चरण का छिड़काव होगा. छिड़काव के पूर्व घर की अंदरूनी दीवार की छेद/दरार बंद कर दें, घर के सभी कमरों, रसोई घर, पूजा घर, एवं गोहाल की अंदरूनी दीवारों पर छह फुट तक छिड़काव अवश्य कराएं एवं छिड़काव के दो घंटे बाद घर में प्रवेश करें, छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री, बर्तन, कपड़े आदि को घर से बाहर रख दें. ढाई से तीन माह तक दीवारों पर लिपाई-पोताई नहीं करें, जिसमें कीटनाशक (एसपी) का असर बना रहे. इस दौरान लोगों को मच्छरदानी लगाकर सोने, घरों के आसपास साफ-सफाई रखने और नालियों को साफ रखने के लिए स्वास्थ्य कर्मी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जायेगा.

जिलास्तरीय टीम कर रही है अभियान की मॉनीटरिंग

कालाजार उन्मूलन के लिए जारी छिड़काव अभियान की मॉनीटरिंग जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ सुषमा के नेतृत्व में की जा रही है. इसके साथ ही इ-रिक्शा के माध्यम से कालाजार के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. डीएमओ ने बताया कि छिड़काव का यह अभियान केवल उन्हीं गांवों में चलाया जा रहा है, जिन गांवों में कालाजार के मरीजों की पुष्टि हुई हो. ताकि, भविष्य में इन गांवों के लोगों को कालाजार के प्रभाव से बचाया जा सके.

सरकारी अस्पतालों में कालाजार की जांच और इलाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध

वीडीसीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि कालाजार एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जो बालू मक्खी के काटने से फैलती है. यह मक्खी आमतौर पर घर की दीवारों की दरारों, नमी वाले स्थानों और मिट्टी के घरों में पायी जाती है. छिड़काव से इन कीटाणुओं को खत्म किया जाता है, जिससे संक्रमण को रोका जा सकता है. सरकारी अस्पतालों में कालाजार की जांच और इलाज पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है.

सरकार की ओर से रोगी को मिलती है आर्थिक सहायता : जिला वेक्टर रोग सलाहकार अमित कुमार ने बताया कि कालाजार से पीड़ित रोगी को मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना के तहत श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में पैसे भी दिये जाते हैं. बीमार व्यक्ति को 6600 रुपये राज्य सरकार की ओर से और 500 रुपये केंद्र सरकार की ओर से दिये जाते हैं. यह राशि वीएल (ब्लड रिलेटेड) कालाजार में रोगी को प्रदान की जाती है. वहीं चमड़ी से जुड़े कालाजार (पीकेडीएल) में 4000 रुपये की राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाती है.

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