देश में ईंधन संकट की आहट या अफवाह? जानिए क्या है भारत की असली स्थिति

Updated at : 26 Mar 2026 11:19 PM (IST)
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oil and gas crisis in india

भारत में गैस का संकट

Oil Crisis : क्या भारत अगले कुछ दिनों में गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करने वाला है और लोगों को रसोई में गैस की बजाय कोयले के चूल्हे या फिर कोई और विकल्प तलाश कर खाना बनाना पड़ेगा? यह एक ऐसी आशंका है, जो पूरे देश में अफवाह के रूप में फैल चुकी है और आम जनता इसे सच भी मान रही है. खाड़ी युद्ध के दौरान जो स्थिति बनी है, उससे इस सोच का विकसित होना स्वाभाविक है.

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Oil Crisis : खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के बीच देश में पेट्रोल और गैस की कमी की खबरों के बीच अफवाहों का बाजार गर्म है और आम नागरिक रात–रात भर गैस लेने के लेने के लिए लाइन लगा रहा है. भारत का 80% तेल होर्मुज स्ट्रेट से आता है और इस समुद्री मार्ग पर जहाजों के आने–जाने में बाधा उत्पन्न हो गई है, जिसकी वजह से देश में लोगों को इस बात का भय सता रहा है कि कहीं उन्हें एक बार फिर गैस चूल्हे से कोयले के चूल्हे के युग में ना लौटना पड़ा, आखिर लोगों की इस आशंका की सच्चाई क्या है, इस बारे में सरकार ने विस्तार से स्पष्टीकरण दिया है.


मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से समस्या क्या है?

मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से युद्ध जारी है. वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई काफी हद तक पश्चिम एशिया पर निर्भर है. होर्मुज स्ट्रेट से 20प्रतिशत तेल की सप्लाई होती है, लेकिन इस मार्ग से सप्लाई बंद है, जिसकी वजह से तेल संकट वैश्विक स्तर पर उभर रहा है. भारत में भी तेल संकट की आशंका है और लोगों ने एहतियात बरतते हुए गैस को स्टोर करने के लिए इसकी खरीद बढ़ा दी है. इस स्थिति में डिमांड के अनुसार सप्लाई नहीं हो रहा है और एक अनचाहा डर लोगों के मन में बैठ गया है और एक अस्थायी ऊर्जा संकट नजर आ रहा है.


दो महीने का स्टाॅक सुरक्षित

26 मार्च को सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि डरने की कोई जरूरत नहीं है. देश में ऊर्जा संकट उत्पन्न नहीं होगा. सरकार के पास फिलहाल लगभग 60 दिनों का तेल और ईंधन स्टॉक उपलब्ध है. सरकार के पास कुल भंडारण क्षमता लगभग 74 दिनों की है. इस स्टॉक में कच्चा तेल, रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद और रणनीतिक भंडार शामिल हैं, जिन्हें भूमिगत भंडारण में रखा जाता है. इसके साथ ही, भारतीय तेल कंपनियों ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की खरीद और उसे मंगाने का पूरा इंतजाम कर लिया है. इसका यह स्पष्ट अर्थ है कि भारत के सामने अभी ऊर्जा संकट नहीं है.

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एलपीजी को लेकर सरकार ने क्या कहा है?

एलपीजी की स्थिति के बारे में सरकार की ओर से बताया गया है कि लगभग 8 लाख टन एलपीजी सुरक्षित है. इसका अर्थ यह हुआ कि एक महीने बिना किसी बाधा के सप्लाई जारी रहेगी. साथ ही सरकार एलपीजी को आयात भी कर रही है. पीएनजी की सप्लाई को भी सरकार सुनिश्चित कर रही है, इसलिए घबराने जैसी कोई स्थिति फिलहाल नजर नहीं आती है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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