क्या है पीएम मोदी की 7 अपील का राज, जानिए विदेशी मुद्रा भंडार कब होता है प्रभावित?

Published by :Rajneesh Anand
Updated at :12 May 2026 4:32 PM
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PM Modi 7 appeals

पीएम मोदी की अपील की पीछे क्या है राज

PM Modi 7 appeals : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच देश के नागरिकों से सात अपील की है. पीएम मोदी ने यह अपील हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान की है. पीएम मोदी के अपील के बाद कयासों का दौर जारी है और सभी यह समझना चाह रहे हैं कि आखिर इस अपील की वजह क्या है और इसका क्या होगा प्रभाव?

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PM Modi 7 appeals : पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से यह अपील की है कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सात उपाय करें. इन सात उपायों में एक साल के लिए सोने की खरीद को टालना, एक साल के लिए विदेश यात्रा को टालना, खाद्य तेलों की खपत को घटाना, वर्क फ्राॅम होम के काॅन्सेंप्ट पर काम करना शामिल है.

पीएम मोदी के अपील के पीछे क्या है वजह?

पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश में विदेशी मुद्रा का भंडार कम ना हो, इसके लिए पीएम मोदी ने नागरिकों से सात अपील की है. देश में पेट्रोल-डीजल की खपत अगर इसी प्रकार बनी रही, तो सरकार को सप्लाई और डिमांड का गणित सही करना होगा. कच्चे तेल की कीमत वैश्विक बाजार में लगातार बढ़ रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमत में वृद्धि नहीं की है. इसका अर्थ यह है कि सरकार महंगे दर पर तेल खरीदकर उसे सस्ते में बेच रही है. अगर यही स्थिति रही तो सरकार का विदेशी मुद्रा भंडार खतरे में आ सकता है. पश्चिम एशिया संकट की वजह से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर असर पड़ा है. विश्व में भारत, सोने का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है. चूंकि भारत सोने की खरीद डाॅलर में करता है, इसलिए फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व पर इसका बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है. इसी वजह से प्रधानमंत्री ने यह अपील की है अगले एक साल तक सोना ना खरीदें.

विदेश मुद्रा भंडार और पीएम मोदी की अपील के बीच क्या लिंक है?

प्रधानमंत्री मोदी ने जिन चीजों का जिक्र अपने भाषण में किया है उन्हें भारत बड़ी मात्रा में इंपोर्ट करता है. इसका अर्थ यह हुआ कि इन चीजों के विश्व में हम सबसे बड़े खरीदार हैं.यहां समझने वाली बात यह है कि
जब भारतीय देश के बाहर से सामान खरीदते हैं, तो सौदा भारतीय रुपए में नहीं बल्कि डॉलर में होता है. डॉलर की खरीद के लिए भारतीय रुपए का प्रयोग होता है. इस स्थिति में रुपया कमजोर होता जाता है. इसे ऐसे समझा जा सकता है कि जब देश में डॉलर आता है, तो रुपया मजबूत होता है और जब देश में डॉलर की मांग बढ़ती है, तो रुपया कमजोर होता है. अगर ऐसी सिचुएशन लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके दो असर होते हैं- एक, विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होता है और दूसरा, जब ऐसा हो रहा होता है, तो रुपया कमजोर होता है. यानी रुपए का मूल्य घटता जाता है.

विकसित भारत के सपने को पूरा करना चाहते हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने जो अपील की है उसमें स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की बात है. पीएम मोदी यह चाहते हैं कि विदेशी निर्भरता को कम किया जाए और भारत को अपने उत्पादन तंत्र पर अधिक भरोसा करना होगा. इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, ऊर्जा और खाद्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत को संकट के समय अधिक सुरक्षित बनाएगी. वैश्विक संकट का असर सभी देशों पर पड़ता है, लेकिन घरेलू उद्योग अर्थव्यवस्था को स्थिर रखते हैं. लोगों को रोजगार उपलब्ध कराते हैं. हमें यह समझना होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सात अपीलें केवल तत्काल प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भारत को दीर्घकालिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं, जिसमें जनभागीदारी की मांग वो कर रहे हैं.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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