गोपालगंज में ऊर्जा बचत की अनूठी पहल: अब साइकिल और पैदल कार्यालय पहुंचेंगे शिक्षा विभाग के अधिकारी
Published by : Vivek Pandey Updated At : 14 Jun 2026 8:20 AM
Gopalganj News: गोपालगंज में शिक्षा विभाग ने ऊर्जा बचत और खर्च कटौती के लिए नई पहल शुरू की. अब अधिकारी शनिवार को साइकिल या पैदल कार्यालय आएंगे, अधिकांश बैठकें ऑनलाइन होंगी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा.
(गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट)
Gopalganj News: गोपालगंज में बढ़ती ऊर्जा खपत और सरकारी खर्च में कमी लाने की दिशा में शिक्षा विभाग ने जिले में नई पहल शुरू की है. बिहार सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी किया है. इसके तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मियों के लिए ऊर्जा संरक्षण, वित्तीय अनुशासन और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग से जुड़े कई नए नियम लागू किए गए हैं. नई व्यवस्था का असर पहले ही दिन देखने को मिला, जब शनिवार को कई अधिकारी और कर्मचारी निजी वाहनों की जगह साइकिल, पैदल और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे.
शिक्षा विभाग का मानना है कि सरकारी कार्यालयों में छोटी-छोटी बचत भी बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे सकती है. इसी सोच के तहत ईंधन की खपत कम करने, बिजली बचाने और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के लिए यह पहल शुरू की गई है.
अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होंगी अधिकांश बैठकें
जारी आदेश में डीईओ ने बताया है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, शिक्षकों और विभागीय कर्मियों के साथ होने वाली अधिकांश समीक्षा एवं समन्वय बैठकें अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएंगी केवल विशेष परिस्थितियों में ही भौतिक बैठक आयोजित होगी और इसके लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा. विभाग का मानना है कि इससे अधिकारियों और कर्मियों के समय की बचत होगी, यात्रा पर होने वाला खर्च कम होगा और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी. साथ ही बार-बार जिला मुख्यालय आने-जाने की जरूरत भी कम होगी.
विद्यालय निरीक्षण में भी खर्च घटाने की तैयारी
आदेश में समग्र शिक्षा अभियान, मध्याह्न भोजन योजना, स्थापना शाखा तथा योजना एवं लेखा शाखा से जुड़े अधिकारियों के वाहन उपयोग को भी सीमित करने का निर्देश दिया गया है. विद्यालयों के निरीक्षण और अनुश्रवण के दौरान आवश्यकतानुसार ही वाहनों का उपयोग किया जाएगा. विभाग का उद्देश्य ईंधन की बचत के साथ-साथ सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है. अधिकारियों को भी कम खर्च में अधिक कार्य करने की कार्यसंस्कृति अपनाने पर जोर दिया गया है.
शनिवार को दिखा बदलाव, कई कर्मी साइकिल से पहुंचे कार्यालय
नई व्यवस्था के तहत जिला शिक्षा कार्यालय में कार्यरत सभी पदाधिकारी, कर्मचारी और बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बीएसईआईडीसी) के अभियंताओं को प्रत्येक शनिवार साइकिल, पैदल या सार्वजनिक परिवहन से कार्यालय आने का निर्देश दिया गया है. शनिवार को आदेश लागू होने के बाद जिला शिक्षा कार्यालय परिसर का माहौल बदला-बदला नजर आया. कई अधिकारी और कर्मचारी निजी वाहन छोड़कर साइकिल और सार्वजनिक वाहनों से कार्यालय पहुंचे. कार्यालय परिसर में पूरे दिन इस नई व्यवस्था की चर्चा होती रही. अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल ईंधन बचत में मदद करेगी, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक करेगी.
बिजली बचाने के लिए भी बनेगा सख्त सिस्टम
ऊर्जा संरक्षण अभियान की निगरानी के लिए समग्र शिक्षा अभियान के लेखा पदाधिकारी शशि शेखर को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. उन्हें यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कार्यालय में एसी, पंखा, बल्ब और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार ही हो. आदेश में कहा गया है कि कार्यालय समय समाप्त होने के बाद सभी विद्युत उपकरणों को बंद करना अनिवार्य होगा. साथ ही जिला शिक्षा कार्यालय भवन पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है. विभाग को उम्मीद है कि इससे बिजली की खपत कम होगी और लंबे समय में सरकारी खर्च में भी उल्लेखनीय कमी आएगी.
पर्यावरण संरक्षण के साथ बचत का संदेश
शिक्षा विभाग की इस पहल को केवल खर्च कम करने की कवायद नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है. विभाग का मानना है कि यदि सरकारी संस्थान स्वयं ऊर्जा बचत के उपाय अपनाएंगे, तो समाज में भी सकारात्मक संदेश जाएगा.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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