सरायकेला के मरांगहातु में बिखरी छऊ नृत्य की सतरंगी छटा, कलाकारों ने बांधा समां

Published by : Priya Gupta Updated At : 14 Jun 2026 9:48 AM

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सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड के मरांगहातु में छऊ नृत्य प्रदर्शनी का उदघाटन करते विधायक दशरथ गागराई

Seraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां के मरांगहातु गांव में आयोजित वार्षिक छऊ नृत्य और मेले में लोक संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिली. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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शचिंद्र कुमार दाश की रिपोर्ट 

Seraikela Kharsawan News : सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड के मरांगहातु गांव में रज पर्व की पूर्व संध्या पर वार्षिक छऊ नृत्य और मेला का आयोजन किया गया. कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. शनिवार रात आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने किया. मौके पर विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि छऊ नृत्य झारखंड की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे संरक्षित और विकसित करने में स्थानीय कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने छऊ कला के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. गागराई ने कहा कि सरायकेला-खरसावां जिले में सरकारी स्तर पर भी इस कला को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है.

गणेश वंदना के साथ शुरु हुई छऊ नृत्य

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गणेश वंदना से हुई. इसके बाद मरांगहातु नीचे टोला छऊ नृत्य दल, स्वर्गीय देवेंद्र सोय छऊ नृत्य दल ऊपर टोला तथा स्वर्गीय बुधन लाल सोय छऊ नृत्य दल बगान टोला के कलाकारों ने रातभर अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से छऊ की सतरंगी छटा बिखेरी. ढोल, नगाड़ा और शहनाई की मधुर धुनों पर कलाकारों ने अद्भुत तालमेल और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.

कुचाई के मरांग हातु छऊ नृत्य करते कलाकार

धार्मिक थीमों पर आधारिक नृत्य ने दर्शकों का मन मोहा

कुचाई के मरांग हातु छऊ नृत्य करते कलाकार

कलाकारों ने कृष्ण लीला, हनुमान-मकरध्वज मिलन, चंडी युद्ध, सानरा वंदना, शिकारी, राधिका झूला, सुभद्रा हरण, माया बंधन, द्वापर लीला और कालिया दमन जैसे धार्मिक, पौराणिक और सामाजिक विषयों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए. राधा-कृष्ण की शाश्वत प्रेम लीला और वीरता से जुड़े प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा. पूरी रात दर्शक छऊ नृत्य की रंगारंग प्रस्तुतियों में डूबे रहे. कार्यक्रम के साथ आयोजित मेले में भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी. आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने मेले का आनंद उठाया. रविवार सुबह तक चले इस आयोजन ने क्षेत्र की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर दिया. छऊ नृत्यों का निर्देशन उस्ताद नंदलाल कुम्हार, प्यारेलाल कुम्हार, रेणुका सोय और कुशल सिंह सोय ने किया. आयोजन की सफलता में ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

कुचाई के मरांग हातु छऊ नृत्य करते कलाकार

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लेखक के बारे में

By Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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