गोपालगंज में कल से डॉक्टरों का तीन दिवसीय ओपीडी बहिष्कार, वेतन और बायोमेट्रिक व्यवस्था के विरोध में फैसला

Published by : Vivek Pandey Updated At : 14 Jun 2026 7:10 AM

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Gopalganj news: गोपालगंज के सरकारी चिकित्सकों ने वेतन भुगतान में देरी और बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था के विरोध में 15 से 17 जून तक ओपीडी कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्र भेजा है.

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Gopalganj News: (संजय कुमार अभय) गोपालगंज जिले के सरकारी चिकित्सकों ने वेतन भुगतान में हो रही देरी और बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए 15 जून से 17 जून 2026 तक तीन दिवसीय ओपीडी कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है. इस संबंध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ, गोपालगंज इकाई की ओर से सिविल सर्जन को पत्र भेजकर निर्णय की जानकारी दी गई है.

सदर अस्पताल से लेकर पीएचसी तक ओपीडी सेवा होगी प्रभावित

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद और सचिव डॉ. मनोज कुमार द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने के नाम पर जिले के चिकित्सकों का वेतन रोका गया है. इसी के विरोध में जिले के सरकारी डॉक्टरों ने तीन दिनों तक ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करने का फैसला लिया है.

बायोमेट्रिक व्यवस्था पर जताई आपत्ति

संघ का कहना है कि इस मुद्दे पर राज्य स्तर पर सरकार के साथ वार्ता जारी है. साथ ही सरकार द्वारा पांच और छह दिवसीय कार्यालयों के लिए लागू व्यवस्था को 24×7 संचालित अस्पतालों पर भी लागू किया जा रहा है, जिसे चिकित्सक अनुचित मान रहे हैं.

15 से 17 जून तक रहेगा कार्य बहिष्कार

पत्र के अनुसार 15 जून से 17 जून 2026 तक जिले के सभी सरकारी चिकित्सक ओपीडी कार्य का बहिष्कार करेंगे. हालांकि आपातकालीन सेवाओं पर इस निर्णय का क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका स्पष्ट उल्लेख पत्र में नहीं किया गया है.

मरीजों की असुविधा के लिए सरकार और प्रशासन को बताया जिम्मेदार

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने कहा है कि वेतन भुगतान में देरी के विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है. संघ ने संभावित मरीज असुविधा के लिए प्रशासन और सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. इस संबंध में जिला पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव तथा राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी गई है.

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लेखक के बारे में

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विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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