गोपालगंज के उद्योगपति रामाश्रय सिंह हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, बुच्ची सिंह और पूर्व उप ब्लाक प्रमुख समेत चार को उम्रकैद

Published by :Radheshyam Kushwaha
Published at :17 Apr 2025 4:13 PM (IST)
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District Court decision

कोर्ट के फैसले के बाद दोषियों को ले जाती पुलिस

District Court: उद्योगपति रामाश्रय सिंह को 13 जून 2019 को भोरे के खजुरहां में उनके ही निर्माणाधीन पेट्रोल पंप पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले को लेकर उनके बड़े भाई हरि नारायण सिंह ने भोरे थाना में कांड दर्ज कराया गया था. इस मामले में प्रखंड प्रमुख रही स्व कलावती देवी के भाई बृजकिशोर खा उर्फ बुच्ची खा, भोरे के उप ब्लॉक प्रमुख अरुण कुमार मिश्रा, संजय मिश्र, विवेक सिंह, अवधेश गोंड, प्रभुनाथ सिंह, राघवेंद्र सिंह अधिवक्ता,समेत नौ लोगों नामजद किया था.

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संजय कुमार अभय/ गोपालगंज के चर्चित उद्योगपति रामाश्रय सिंह हत्याकांड में छह वर्षों के लंबे सुनवाई के बाद गुरुवार को प्रधान जिला जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा की (District Court) कोर्ट ने हत्या के लिए दोषी पाते हुए भोरे के बृजकिशोर सिंह उर्फ बुच्ची सिंह, विवेक सिंह, पूर्व उपप्रमुख अरुण कुमार मिश्र उर्फ पप्पू मिश्र, संजय मिश्र को उम्रकैद की सजा सुनाया. इसके साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. कोर्ट में सजा सुनाये जाने तक सभी अभियुक्त खुद को बेकसुर बताते रहे.

हाइप्रोफाइल कांड में कोर्ट के फैसले पर टिकी रही लोगों की नजर

अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजक देववंश गिरि उर्फ भानु गिरि, एपीपी रामेश्वर सिंह कुशवाहा ने अपना पक्ष रखा. जबकि बचाव पक्ष से पटना हाइकोर्ट के अधिवक्ता राम बिनय सिंह, वरीय अधिवक्ता प्रभुनाथ सिंह, मोहनीश कुमार शाही, परमेश पांडेय, मनीष किशोर नारायण ने अपना- अपना साक्ष्य व सबूत दिया. कोर्ट ने दोषी पाते हुए अपना फैसला सुनाया. इस हाइ प्रोफाइल केस पर जिले के लोगों की नजर टिकी हुई थी. हाइकोर्ट के आदेश पर स्पीडी ट्रायल चल रहा. इस कांड में सुनवाई को लेकर कोर्ट की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था. कोर्ट के गेट से लेकर अंदर तक पुलिस हाइअलर्ट मोड़ में रही.

जांच करती पुलिस

विशाल सिंह समेत सात साक्ष्य के अभाव में हुआ था बरी

प्रधान जिला जज की कोर्ट ने केस के ट्रायल में साक्ष्य के अभाव में कुख्यात विशाल सिंह, उसके गैंग के मनु सिंह, बीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ टाइगर, शंभु सिंह, प्रदीप यादव तो साजिशकर्ता में प्रभुनाथ सिंह व अवधेश गोंड को बरी कर दिया. अभियोजन पक्ष की ओर से पर्याप्त साक्ष्य नहीं देने पर पुलिस पर सवाल बना रहा. लोग भी अभियोजन पर सवाल उठा रहे है.

आरोपित अधिवक्ता की हो चुकी है मौत

रामाश्रय सिंह हत्याकांड के नामजद अभियुक्त रहे अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह की मौत हो चुकी है. कोर्ट उनके खिलाफ केस को बंद कर दिया. कांड के सूचक हरिनारायण सिंह के द्वारा अधिवक्ता पर केस में साजिश का गंभीर आरोप लगाया था.

अभी दो अभियुक्तों पर चल रहा ट्रायल

रामाश्रय सिंह हत्याकांड में अभी जिला जज आठ कुमार सुधांशु की कोर्ट में इस केश में राजू सिंह व विनय कुमार मिश्र पर ट्रायल जारी है.अब इस ट्रायल में भी शीघ्र ही फैसला आने की संभावना है. इस पूरे केस को पटना हाइकोर्ट के द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही.

फैसले के दौरान मौजूद अधिवक्ता

बचाव पक्ष ने कहा, हाइकोर्ट में करेंगे अपील

बचाव पक्ष के अधिवक्ता मोहनीश शाही ने कहा कि कोर्ट के फैसला का सम्मान करते है. बेगुनाह होने का पर्याप्त साक्ष्य कोर्ट को दिया था. फैसला का सम्मान है. हाइकोर्ट में अपील दाखिल करेंगे.भरोसा है कि हाइकोर्ट से निर्दोष लोग को इंसाफ जरूर मिलेगा.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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