बिहार के इस जिले से रहस्यमयी तरीके से गायब हुए 60 बालू लदे ट्रक, पुलिस पर उठे सवाल!

प्रतीकात्मक तस्वीर
Crime News: बिहार के गोपालगंज में थानों से जब्त किए गए 60 बालू लदे ट्रक रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं, जिससे करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका है. खनन विभाग ने इसकी शिकायत डीएम से की है, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.
Crime News: बिहार के गोपालगंज जिले में थानों से जब्त वाहनों के गायब होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा. कभी शराब से भरे वाहन चोरी हो जाते हैं, तो कभी कोई ट्रक रहस्यमय तरीके से थाने से ही लापता हो जाता है. लेकिन इस बार मामला और भी चौंकाने वाला है. खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए बालू लदे 60 ट्रक थानों से गायब हो गए. इस घोटाले से सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. खनन विभाग के अनुसार, जब्त किए गए ये ट्रक पुलिस की अभिरक्षा में थे, लेकिन अब इनका कोई अता-पता नहीं है.
जिलाधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट
खनन विभाग ने जिले के डीएम और एसपी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में जब्त ट्रकों की सूची सौंपी. रिपोर्ट के अनुसार, नगर थाना, बरौली, बैकुंठपुर, कुचायकोट, कटेया, मीरगंज, माइया, जादोपुर, सिधवलिया और महमदपुर सहित कई थानों से ट्रक गायब हुए हैं.
थानों से गायब ट्रकों की लिस्ट:
- नगर थाना: 20 ट्रक (2022-2023)
- बरौली थाना: 10 चक्का ट्रक (20 जुलाई 2022)
- बैकुंठपुर थाना: तीन ट्रक (2024)
- कुचायकोट थाना: जेसीबी मशीन (22 फरवरी 2023)
- कटेया थाना: 12 चक्का ट्रक (13 अप्रैल 2022)
- मीरगंज थाना: ट्रक (15 नवंबर 2022)
- माइया थाना: ट्रक (13 सितंबर 2023)
- जादोपुर थाना: ट्रक (16 जुलाई 2022)
- सिधवलिया थाना: तीन ट्रक
- महमदपुर थाना: चार ट्रक
एफआईआर तक दर्ज नहीं, पुलिस की चुप्पी संदेहास्पद
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रकों के गायब होने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है. वरीय अधिवक्ता युधिष्ठिर मिश्र का कहना है कि यह मामला पुलिस और बालू माफियाओं की साठगांठ को उजागर करता है.
एसपी बोले- होगी कड़ी कार्रवाई
एसपी अवधेश दीक्षित ने कहा कि मामले की जांच जारी है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. डीएम प्रशांत कुमार सीएच ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं.
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By Abhinandan Pandey
भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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