फिजा में न घोलें आतिशबाजी का जहर

Published at :30 Oct 2016 12:28 AM (IST)
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फिजा में न घोलें आतिशबाजी का जहर

पर्यावरण का ध्यान रख पटाखों से करें तोबा गोपालगंज : आपके द्वारा की गयी आतिशबाजी से किसी की जान जा सकती है. ऐसे में फिजा में जहर न घोलें तो ज्यादा बेहतर होगा. बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को परेशानी न हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे, इसलिए इस दीपावली पर फिजा में आतिशबाजी का जहर […]

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पर्यावरण का ध्यान रख पटाखों से करें तोबा

गोपालगंज : आपके द्वारा की गयी आतिशबाजी से किसी की जान जा सकती है. ऐसे में फिजा में जहर न घोलें तो ज्यादा बेहतर होगा. बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को परेशानी न हो और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे, इसलिए इस दीपावली पर फिजा में आतिशबाजी का जहर न घोलें. खुशियों के त्योहार पर दीप जला कर रोशनी करें. शहर में करोड़ों रुपये की आतिशबाजी का काला धुआं आसमान में छा जाता है.
इससे हमें मिलता है कान फोड़ू आवाज, वायु प्रदूषण. आतिशबाजी के बाद उनसे निकले रसायन व पदार्थ शहर की हवा में घुल कर उसे जहरीला बना देते हैं. इसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है. अस्थमा, एलर्जी व श्वांस रोगियों को सबसे अधिक परेशानी होती है. बुजुर्गों व मासूमों की नींद खराब होती है. इसलिए इस दीपावली पर पटाखों को न बोलें और स्वयं को प्रदूषण से बचाएं.
यह है फुल फार्म
एसओ2- सल्फर डाइ अॉक्साइड
एनओ2- नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड
पीएम10- श्वसनीय निलंबित कण
बीडीएल – बिलो डिटेक्शन लिमिट
24 घंटे संचालित होगा जिला नियंत्रण कक्ष
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