हाइवे से दूर हो जायेंगे कई गांव

Published at :29 Sep 2016 2:45 AM (IST)
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हाइवे से दूर हो जायेंगे कई गांव

अनदेखी . फर्राटेदार हाइवे के ब्रेकर में रुक गयी ग्रामीणों की रफ्तार इस्ट वेस्ट कोरीडोर के तहत निर्माणाधीन हाइवे फर्राटेदार तो हो रही है लेकिन विकास की रफ्तार ने ग्रामीणों की रफ्तार को रोक दिया है. अधूरे निर्माण से कई चौराहे अस्तित्वविहीन बन गये हैं, तो कई गांव हाइवे किनारे होते हुए भी संपर्क से […]

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अनदेखी . फर्राटेदार हाइवे के ब्रेकर में रुक गयी ग्रामीणों की रफ्तार

इस्ट वेस्ट कोरीडोर के तहत निर्माणाधीन हाइवे फर्राटेदार तो हो रही है लेकिन विकास की रफ्तार ने ग्रामीणों की रफ्तार को रोक दिया है. अधूरे निर्माण से कई चौराहे अस्तित्वविहीन बन गये हैं, तो कई गांव हाइवे किनारे होते हुए भी संपर्क से दूर हो गये हैं.
गोपालगंज : वर्ष 2007 में इस्ट वेस्ट कोरीडोर योजना के तहत जब एन एच 28 के फोरलेन निर्माण का कार्य शुरू हुआ तो जिलावासियों में खुशी की लहर दौड़ गयी. वर्ष 2011 में निर्माण कंपनी पीसीएल एन एच के कार्य को अधूरा छोड़ फरार हो गयी. पुन: 2015 में पुंज लॉयड कंपनी अधूरे एनएच के निर्माण कार्य को शुरू किया, जो अभी चल रहा है. इन नौ वर्षों में जहां काम अधूरा रहा वहां की स्थिति तो बिगड़ी ही, उन चौराहों की स्थिति भी भयावह हो गयी, जहां काम करा दिया गया. महम्मदपुर,
बढ़ेयां, बंजारी मोड़ का अस्तित्व अधूरे निर्माण से संकट में है. हद तो तब हुई है जब हाइवे के किनारे बसनेवाले गांव हाइवे से दूर हो गये हैं. कई ऐसे गांव हैं, जो किनारे तो हैं लेकिन हाइवे पर जाना इनके लिए मुश्किल है. कंपनी द्वारा संपर्क पथों पर ध्यान हीं नहीं दिया गया. ऐसे में डुमरिया से लेकर गोपालगंज तक 5.50 लाख की आबादी हाइवे के पास रहते हुए भी दूर है. समस्या यह है कि इन गांवों के लोग आखिर इस सड़क पर जाएं, तो कैसे क्योंकि संपर्क पथ और हाइवे के बीच में एक खाई पैदा हो गयी है.
हाइवे पर कट नहीं होने से बढ़ी मुश्किल : हाइवे पर संपर्क पथ के सामने या गांव को जोड़नेवाली सड़क जहां भी हाइवे पर मिलती है. वहां कट देने का प्रावधान है लेकिन निर्माण एजेंसी एनएचएआइ के अधिकारियों के सेटिंग के बल पर नियम को ताक पर रख कर काम किया जा रहा. इसके कारण गांव के लोगों की मुश्किल बढ़ गयी है. यूपी के बॉर्डर बथनाकुटी पर ही नजर डाले, तो हाइवे निर्माण के दौरान यहां कट नहीं दिया गया है. जबकि यहां कई गांव को जोड़नेवाला बंगरा पथ, तारानरहवा पथ, अमवा मैरवा पथ, बथना रमैना पथ जो यूपी को जोड़ता है. हाइवे पर आकर मिलता है. इन सड़कों से प्रतिदिन हजारों गाड़ियां हाइवे पर पहुंचती है. लेकिन कट नहीं देने से काफी मुश्किल बढ़ गयी है.
दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को हाइवे पर जाने में करनी पड़ रही मशक्कत
क्या कहता है पथ निर्माण विभाग
प्रत्येक गांव को जोड़नेवाले संपर्क पथ को ठीक करने की जिम्मेवारी कंपनी की है. हाल ही में इसके लिए बात की गयी थी लेकिन एनएचएआइ की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है. संपर्क पथ नहीं बनने से लाेगों को परेशानी हो रही है.
भगवान राम, कार्य. अभियंता, पथ निर्माण विभाग, गोपालगंज
क्या कहता है एनएचएआइ
सर्विस रोड का निर्माण करना है. प्रोजेक्ट के अलावा कई लोगों के डिमांड भी आये हैं. सब पर विचार भी किया जा रहा है. युद्ध स्तर पर और हर हाल में सर्विस रोड बनाएं जायेंगे ताकि किसी भी गांव के किसी को परेशानी न हो.
मनोज कुमार पांडेय, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआइ
महम्मदपुर का तालाबनुमा सर्विस रोड.
एक नजर में समस्याओं से जूझते गांव
महम्मदपुर में सर्विस रोड खराब होने से व्यवसाय एवं आवागमन प्रभावित
बढ़ेया माेड़ स्थित सर्विस रोड बना है तालाब
प्यारेपुर से लेकर देवापुर तक एनएच 28 पर जाने का कोई रास्ता नहीं
पथरा, झझवां का संपर्क पथ बना बेकार
दानापुर में नहीं हुई संपर्क पथ की व्यवस्था
भड़कुईयां मोड़ से मांझा जाने में बढ़ी परेशानी
बंजारी मोड़ से चंद्रा टाकिज तक सड़क की स्थिति गंभीर
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