गंडक नदी के कटाव से विशंभरपुर गांव को खाली करने में जुटे ग्रामीण

Published at :29 Sep 2016 2:43 AM (IST)
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गंडक नदी के कटाव से विशंभरपुर गांव को खाली करने में जुटे ग्रामीण

त्रासदी . अब नेपाल में बारिश से दियारे के लोगों की उड़ी नींद नेपाल में तराई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की खबर पर दियारे के लोगों की नींद उड़ गयी है. गंडक नदी के तटवर्तीय इलाके में रहनेवाले लोग भयभीत है. हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग ने गंडक नदी के डिसचार्ज को महज 72 हजार […]

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त्रासदी . अब नेपाल में बारिश से दियारे के लोगों की उड़ी नींद

नेपाल में तराई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की खबर पर दियारे के लोगों की नींद उड़ गयी है. गंडक नदी के तटवर्तीय इलाके में रहनेवाले लोग भयभीत है. हालांकि बाढ़ नियंत्रण विभाग ने गंडक नदी के डिसचार्ज को महज 72 हजार क्यूसेक बताया है. नदी में बाढ़ की आशंका से विभाग ने इनकार किया है.
कालामटिहनिया : गंडक नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा. अब विशंभरपुर गांव में कटाव को देखते हुए बुधवार की सुबह से अफरा-तफरी मची है. लोग अपने घरों को तोड़ कर गांव को खाली करने में जुटे है. नदी की धारा आबादी को मिटाने पर तुली हुई है. नदी की धारा को बेकाबू होते देख लोग अपने हाथों से अपनी बरबादी की कहानी लिखना शुरू कर दे रहे हैं. घरों को तोड़ कर सामान को सुरक्षित करने की मुहिम में ग्रामीण जुटे हुए हैं.
ग्रामीण श्यामदेव प्रसाद ने बताया कि नदी के कटाव के कारण 20 लाख रुपये में बनाये गये घर को मजदूरों को लगा कर तोड़ना पड़ रहा. महज दो साल पहले ही घर बनाया था. नदी ने पहले जीविका को छीन लिया अब घर भी छीन लिया. ईंट के टुकड़ों पर संतोष करना पड़ रहा. नदी पल-पल गांव की ओर बढ़ती जा रही है. कटाव नहीं थमने से कालामटिहनिया पंचायत के वार्ड नं-03, 06 और 11 के अलावे विशंभरपुर के फिल्ड पर +2 स्कूल कब नदी में समा जायेगा कहना मुश्किल है.
बचाव कार्य का नहीं दिख रहा असर : बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कालामटिहनिया साइड को अतिसंवेदनशील घोषित कर दिया है. यहां अभियंताओं की टीम कैंप कर बचाव कार्य तो कर रही लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा. स्थिति यह है कि अब तक के कराये गये बचाव कार्य से नदी का उग्र रूप शांत नहीं हो रहा. कटाव इतना तेज है कि अभियंता भी आश्च›र्य में पड़े हुए हैं. स्थिति यह है कि दिन भर का कराया गया काम शाम होते ही नदी में समा जा रहा.
रात भर बचाव कार्य करने के बाद सुबह नदी में विलीन हो जा रहा है. वैसे मुख्य अभियंता गूंजा लाल राम, अधीक्षण अभियंता जितेंद्र कुमार सिंह, बाढ़ संघर्षात्मक बल के अध्यक्ष मो अब्दुल हमीद, बाढ़ एक्सपर्ट मुरलीधर सिंह, श्यामनंदन प्रसाद, कार्यपालक अभियंता शरत कुमार आदि की टीम कैंप कर बचाव कार्य में जुटी है.
घरों तक पहुंची नदी, विभाग का अब तक का प्रयास विफल
सीओ ने कटाव की देखी स्थिति
कुचायकोट के सीओ अमित रंजन के साथ प्रखंड प्रमुख बबली देवी के पति अखिलेश्वर सिंह, बीडीसी सदस्य मुन्ना राय, अमीर पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने कालामटिहनिया तथा विशंभरपुर कटाव स्थल पर पहुंच कर स्थिति की जानकारी ली. प्रखंड प्रमुख के प्रति ने गांव वालों की पीड़ा को सुन कर हर स्थिति में सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया.
ग्रामीणों ने रास्ता नहीं होने का सवाल उठा कर नाराजगी जतायी. सीओ ने बताया कि कटाव से विस्थापित हो रहे परिजनों की सूची बनायी जा रही है. उन्हें घर क्षति अनुदान तत्काल दिया जायेगा.
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