उपभोक्ता अदालतों में 20 लाख तक मुआवजे का कर सकते हैं दावा : मदन सहनी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Dec 2015 8:12 PM
उपभोक्ता अदालतों में 20 लाख तक मुआवजे का कर सकते हैं दावा : मदन सहनी अधिक लाभ के लिए कंपनियां गुणवत्ता से करते हैं समझौताएक साल में राज्य उपभोक्ता फोरम ने निबटाये 13499 मामलेसंवाददाता, पटनाखाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि अधिक लाभ कमाने के लिए कंपनियां सामग्री की गुणवत्ता […]
उपभोक्ता अदालतों में 20 लाख तक मुआवजे का कर सकते हैं दावा : मदन सहनी अधिक लाभ के लिए कंपनियां गुणवत्ता से करते हैं समझौताएक साल में राज्य उपभोक्ता फोरम ने निबटाये 13499 मामलेसंवाददाता, पटनाखाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी ने कहा है कि अधिक लाभ कमाने के लिए कंपनियां सामग्री की गुणवत्ता के साथ समझौता करती है. इसका उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. इसे उपभोक्ताओं में जागरूकता से ही दूर किया जा सकता है. गलत सामानों की बिक्री के खिलाफ उपभेक्ता 20 लाख रुपये के मुआवजे तक का दावा कर सकते हैं. सरकार उपभेक्ताओं की हित में उपभेक्ता कानूनों को और भी सरल बनाने जा रही है. सहनी अधिवेशन भवन में आयोजित राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा सभ्यता के विकास के साथ बाजार में एक से बढ़कर एक वस्तुएं बिक रही है. उपभोक्ता सामग्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. एेसे में उपभोक्ताओं को हित की रक्षा के लिए सरकार हर संभव उपाय करेगी. उपभोक्ताओं के हित की रक्षा के लिए 1986 में बने कानून की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सामग्री की खरीद पर असंतोष की स्थित में उपभोक्ता 20 लाख रुपये तक की दावा कर सकते हैं. सहनी ने कहा कि जिलों में उपभोक्ता फोरम को सशक्त करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जा चुका है. 23 जिलों में नहीं है उपभोक्ता संरक्षण परिषद मंत्री सहनी ने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा में तीन-तीन विभागों के हस्तक्षेप के कारण परेशानी होती है. इसे दूर किया जायेगा. उन्होंने कहा कि माप तौल के मामले को कृषि विभाग, प्रमाणीकरण की जांच उद्योग विभाग दवा और खाद्य में मिलावट की जांच स्वास्थ्य विभाग के जिम्मे है. उन्होंने कहा कि राज्य के 15 जिलों में उपभोक्ता संरक्षण परिषद का गठन कर लिया गया है. बाकी के 23 जिलों के डीएम को जिलाें में परिषद के गठन की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है. इससे उपभोक्ताओं की समस्या को दूर करने में तेजी अायेगी. आबादी के अनुरूप फोरम में कम आते हैं मामलेउन्होंने कहा कि राज्य की आबादी लगभग 11 करोड़ है, लेकिन इस हिसाब से कम ही मामले फोरम में आते हें. उन्होंने कहा कि इसके लिए उपभोक्ताओं में जागरूकता अभियान चलाना होगा. मंत्री ने कहा कि एक साल में राज्य उपभोक्ता फोरम में 18024 मामले आये. इसमें 13499 मामलों का निबटारा किया गया.पेंसिल से हवाई जहाज तक की खरीद करने वाले उपभोक्ता: शैलेंद्र राज्य उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में पूर्व की अपेक्षा उपभोक्ताओं के हीत की रक्षा के लिए कई काम हुए हैं. उन्होंने कहा कि हमें समझने की जरूरत है कि एक पेंसिल खरीदने वाला से लेकर हवाइ्र जहाज की खरीद करने वाला सभी उपभोक्ता श्रेणी में आता है. इनके हितो की रक्षा के लिए उपभोक्ता फोरम काम कर रहा है. समारोह को विभागीय सचिव पंकज कुमार, शंकर झा, राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष अब्दुल्ला बुखारी, सदस्य नंदकिशोर कुशवाहा, मृदुला राय, कमल किरोड़ी, एसएफसी के एमडी सुगंध चतुर्वेदी आदि ने सबोधित किया. इस मौके पर कहानी प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को पुरस्कृत किया गया.
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